" /> इटावा में पंचायत चुनाव…आजादी के बाद `प्रधान पद’ का चुनाव

इटावा में पंचायत चुनाव…आजादी के बाद `प्रधान पद’ का चुनाव

निर्विरोध निर्वाचन की परंपरा पर ब्रेक
दलित जाति के लिए आरक्षित

यूपी में सर्वाधिक चर्चित मानी जानेवाली समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई में प्रधान पद के लिए पहली बार मतदान किया जाएगा। दलित जाति के आरक्षण होने के बाद एकमत होकर नेता जी के करीबी बुजुर्ग रामफल बाल्मीकि को मुलायम परिवार ने प्रधान पद के लिए तय कर दिया था लेकिन एक अन्य महिला विनीता के नामांकन कर देने से सैफई में निर्विरोध निर्वाचन की परंपरा पर ब्रेक लग गया। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी मानें जाने वाले रामफल बाल्मीकि को प्रधान बनाने के लिए पूरा सैफई गांव एकमत हो चला है। इस सिलसिले में एक महत्वपूर्ण बैठक मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह की अगुवाई सैफई में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में गांव वालों ने हिस्सा लिया। सभी ने एकमत होकर तय किया कि सैफई के अगले प्रधान रामफल बाल्मीकि ही होंगे। मुलायम के भाई राजपाल सिंह यादव के बताया कि गांव और परिवार के सभी छोटे-बड़े ने तय किया है कि नेता जी के बेहद करीबी रामफल बाल्मीकि को इस बार प्रधान बनाना है। उन्होंने बताया कि १९७२ से इस गांव में निविर्रोध निर्वाचन की पंरपरा कायम रही. उसी परपंरा को बरकरार रखा जाएगा।
पहले कभी भी नहीं हुआ मतदान
इससे पहले कभी भी सैफई गांव में प्रधान पद के लिए मतदान नहीं हुआ है। हमेशा से निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होता रहा है। यह पहला मौका है जब सैफई गांव में प्रधान पद के लिए मतदान होने जा रहा है। पिछले साल १७ अक्टूबर को १९७१ से लगातार प्रधान होते चले जा रहे थे। रामप्रकाश दुबे का कहना है कि लोग १०० प्रतिशत जीत का दावा करते है। उन्होंने कहा कि रामफल के अलावा कोई दूसरा प्रधान नहीं बन पाएगा। सैफई गांव के ही दशरथ सिंह यादव कहते है कि रामफल बाल्मीकी उनके चाचा सामान है और उनको गांव का प्रधान बनाने के लिए सभी ने एक मत होकर तय कर लिया है वहीं रामफल के प्रधान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।