मुख्यपृष्ठसमाचारचुनावी ड्यूटी में कर्मचारी... मनपा अस्पतालों में मारामारी!

चुनावी ड्यूटी में कर्मचारी… मनपा अस्पतालों में मारामारी!

-बीएलओ की ड्यूटी बजा रहे २५ फीसदी कर्मचारी, मरीज हुए बेहाल

सामना संवाददाता / मुंबई

मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने अपने प्रमुख अस्पतालों में कार्यरत करीब २५ फीसदी यानी ७१५ स्वास्थ्य कर्मचारियों को चुनावी यानी बीएलओ ड्यूटी में लगा दिया है। इससे अस्पतालों में मारामारी यानी रोगियों की देखभाल, कामकाज का संचालन, कागजी कार्रवाई और लोकल परचेज प्रभावित होने लगा है। सबसे ज्यादा दबाव रेडियोलॉजी और पैथ लैब विभाग पर पड़ रहा है। इस विभाग में प्रतीक्षा सूची की लंबी फेहरिस्त लगती जा रही है। इससे कई अस्पतालों में सर्जरी और टीकाकरण कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, मनपा के केईएम, सायन, नायर, कूपर और नायर डेंटल जैसे पांच प्रमुख अस्पतालों में कार्यरत करीब ७१४ कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इनमें `सी’ श्रेणी के कर्मचारी हैं, जिनमें नर्स, क्लर्क, पैरामेडिक्स और तकनीशियन शामिल हैं, जो रोगी की देखभाल, कंप्यूटर सिस्टम का संचालन, खातों का प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण दैनिक कार्यों में शामिल रहते हैं। इससे इन अस्पतालों में स्वास्थ्य से संबंधित कामकाजों पर असर पड़ा है। मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में हमारे शिक्षण अस्पतालों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में कामकाज धीमा हो गया है। जिस काम को पूरा करने में एक सप्ताह का समय लगना चाहिए, उसमें अब दो सप्ताह लग रहे हैं। इससे छुट्टी के आवेदन और सेवानिवृत्ति की फाइलों की प्रोसेसिंग पीछे छूट गई है। एक डॉक्टर ने कहा कि स्वैâन और रिपोर्ट के लिए प्रतीक्षा सूची भी लंबी हो गई है, क्योंकि तकनीशियन चुनावी कामकाज में लगे हुए हैं।
इस तरह चुनावी ड्यूटी पर लगे हैं कर्मचारी
केईएम अस्पताल में १७० `सी’ श्रेणी के कर्मचारियों में से १३० और सायन अस्पताल में १७८ में से ११० कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर हैं। मनपा मुख्यालय के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने कहा कि यह चुनाव आयोग का आदेश है और इसे संवैधानिक रूप से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। प्रमुख अस्पतालों की निदेशक डॉ. नीलम आंद्राडे ने कहा कि कर्मचारियों को एलटीए या बच्चे की देखभाल के लिए लंबी छुट्टियों से बचने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं और वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा है। जिन लोगों ने इस अवधि के लिए एलटीए नहीं लिया है, उनके लिए ऐसा करने का आखिरी मौका ३१ मार्च तक है।

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