मुख्यपृष्ठनए समाचारआतंक का अंत! लादेन के ११ साल बाद जवाहिरी हुआ जमींदोज

आतंक का अंत! लादेन के ११ साल बाद जवाहिरी हुआ जमींदोज

एजेंसी / नई दिल्ली
आतंक का पर्याय बना अलकायदा का सरगना अल-जवाहिरी का अंत रविवार की सुबह हो गया। अमेरिकी सीक्रेट  ऑपरेशन में अलकायदा सरगना और खूंखार आतंकी अल-जवाहिरी को रविवार की सुबह ६ बजकर १८ मिनट पर मार गिराया गया। जवाहिरी की मौत की खबर दो दिन बाद सार्वजनिक की गई। हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए अल-जवाहिरी को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मार गिराने का दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक हवाई हमले के दौरान अल-कायदा चीफ अल-जवाहिरी को मार गिराया गया। टेलीविजन पर संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि इंसाफ हुआ है और आतंकी अब जिंदा नहीं बचा है। मतलब आतंक का अंत हो गया। इससे ११ वर्ष पहले ओसामा बिन लादेन मारा गया था।
तालिबान ने की निंदा
इधर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस अमेरिकी ऑपरेशन की कड़ी निंदा की है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों और दोहा समझौते का उल्लंघन करार दिया है।
दोहा समझौते का हुआ उल्लंघन-जबीउल्लाह
जबीउल्लाह ने काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले पर बयान जारी करते हुए कहा कि १ अगस्त २०२२ को काबुल सिटी के शेरपुर इलाके के रिहाइशी क्षेत्र में हवाई हमला किया गया। पहले हमले के बारे में कुछ साफ-साफ नहीं पता चल पाया। लेकिन तालिबान सरकार की तरफ से सुरक्षा और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने जब इसकी पड़ताल की तो यह पाया कि यह हमला अमेरिकी ड्रोन ने किया था। तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने आगे बताया कि तालिबान सरकार अमेरिकी ड्रोन हमले की कड़ी आलोचना करती है और यह साफतौर पर दोहा समझौता और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन है।
अमेरिका ने किया जवाहिरी की मौत का दावा
इधर, बाइडेन प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि काबुल में रविवार की सुबह ६ बजकर १८ मिनट पर अल-कायदा चीफ को मार गिराया गया। इसके साथ ही यह दावा किया गया कि इसमें किसी अन्य व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। परिवार के लोगों को इसमें निशाना नहीं बनाया गया और न ही कोई क्षति पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक हिंदुस्थान को पहले ही अलजवाहिरी के मारे जाने की जानकारी थी। अमेरिकी प्रशासन सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन अल-जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि हो जाने के बाद जानकारी सार्वजनिक करना चाहता था, इसीलिए बयान जारी करने में इतना वक्त लग गया।

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