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दुश्मन देश की, सनातन से शत्रुता! …लगातार बढ़ रही हैं हिंदुओं के अपहरण और बलात्कार की घटनाएं

• बच्चों को बाहर भेजने से भी डर रहे हैं परिजन आवाज उठाने पर भी बरसती हैं लाठियां

गंभीर आर्थिक संकट को झेल रहे पाकिस्तान की हालत आज बद से बदतर होती जा रही है। यहां के लोगों के खाने तक के लाले पड़ गए हैं। स्थिति बेकाबू होती जा रही है लेकिन पाकिस्तान सरकार की इस्लामी कट्टरता खत्म होने का नाम नहीं ले रही। देश के सबसे बड़े दुश्मन देश की सनातन से शत्रुता आए दिन देखने को मिल रही है। हिंदुओं पर बर्बरता अब भी बरकरार है। हिंदू लड़कियों को अगवा कर उनके साथ दुष्कर्म और हत्या, उन पर कुरान पढ़ने की सख्ती करना, हिंदू व्यापारियों और उनके बच्चों का अपहरण कर फिरौती की घटनाएं तो अब आम हो गई हैं। आलम यह है कि अब पाकिस्तान के हिंदू डर के साए में जी रहे हैं। यहां तक कि अब वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले पाकिस्तान में एक डॉक्टर की हैवानियत सामने आई थी। जहां अपनी किडनी का इलाज करने अस्पताल आई हिंदू युवती के साथ दुष्कर्म किया गया। अब जब इन बातों का विरोध किया जा रहा है तो इस पर भी उन्हें न्याय मिलना तो दूर उन्हें लाठियां खानी पड़ रही हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को सिंध प्रांत अल्पसंख्यक द्वारा फिरौती के लिए हिंदू व्यापारियों और अल्पसंख्यक समुदायों के अन्य लोगों के अपहरण के बढ़ते मामलों के खिलाफ धरना दिया जा रहा था, इसी दौरान पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। सिंध प्रांत के काशमोर में नदी क्षेत्रों में डाकुओं द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ सदस्यों के अपहरण को लेकर समुदाय के सदस्य १ सितंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के एक प्रभावशाली नेता के हस्तक्षेप के बावजूद प्रदर्शनकारियों के धरना समाप्त करने से इनकार करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कुछ लोग घायल हो गए।
१५० दिनों में १०० से ज्यादा अपहरण
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के पत्रकार बलाच दशती के अनुसार, यहां पांच महीनों के अंदर करीब १०० से ज्यादा लोगों का अपहरण हुआ है। इसमें मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं। सिंध के काशमोर जिले में हिंदू कारोबारी रहते हैं, इन पर डाकुओं की निगाह रहती है।

२५ दिन पहले हुई थी किडनैपिंग
सिंध के काशमोर जिले में २५ दिन पहले एक व्यापारी और उसके बच्चे को किडनैप कर लिया गया, इसके बाद परिवार से फिरौती मांगी गई। इस घटना के बाद बुधवार के दिन हिंदुओं ने यहां प्रदर्शन किया जिस पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसार्इं। लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की पुलिस २५ दिन पहले किडनैप हुए व्यापारी और उसके बेटे को किडनैपर्स से अभी तक नहीं छुड़ा पाई है। उधर इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं पर पुलिस लाठियां बरसा रही है। पुलिस की बर्बर कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोगों के सिर से खून बहता हुआ दिखाई दे रहा है।

बच्चों को भी नहीं बख्श रहे
प्रदर्शन के आयोजकों में से एक डॉ. चांद महार ने बताया कि हाल के दिनों में डवैâतों ने नौ साल के एक लड़के सहित कुल पांच हिंदुओं का अपहरण कर लिया था और कुछ दिन पहले ही सात वर्षीय एक हिंदू लड़की प्रिया कुमारी को भी संघार के पास से अगवा कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि डवैâतों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों का अपहरण करने की कई घटनाओं से समुदाय डर के साए में है और वे प्रांत के कई हिस्सों में अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। हिंदू व्यापारी मुखी जगदीश (७२) के अपहरण के बाद प्रदर्शनकारी रविवार शाम से कंधकोट शहर में एकत्रित हुए थे।

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