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पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे की परिसंकल्पना को लगे पंख : कचरा मुक्त होगा समुद्र!

  • नालों के मुहाने पर लगा टर्की का फिल्टर यंत्र
  • मैन्युअल की बजाय मशीन छानेगी कचरा

रामदिनेश यादव / मुंबई
मुंबई शहर तीनों तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है। इसके समुद्र तटीय इलाकों की सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए मनपा सतत प्रयास करती है। मुंबई के नालों से एक भी कचरा समुद्र में न जाने पाए इसके लिए मनपा पुरजोर कोशिश करती है लेकिन भारी बारिश में चाहकर भी नालों से बहकर आने वाले बड़े कचरे को मनपा रोक नहीं पाती है, इस दौरान कर्मचारियों के बह जाने का खतरा होता है। इस कमी को पूरा करने और बड़े नालों से कचरों को छानने के लिए टर्की के फिल्टर को मनपा स्थापित कर रही है।
देश में शायद इस प्रकार का यह पहला यंत्र है, जो समुद्र में मिल रहे बड़े नालों के मुहाने पर खड़ा होकर कचरा छानने का काम करेगा। मनपा ने वर्ली के लवगुरु और विले पार्ले के इर्ला नाले पर यह मशीन लगा रही है। इरला नाले पर कुछ भाग में काम भी शुरू हो गया है। इस मशीन को अगले दो सप्ताह में पूरी तरह से काम पर लगा दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में नालों से एक भी कचरा समुद्र में पास नहीं हो पाएगा।
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे की संकल्पना
मुंबई के चौपाटी इलाकों को कचरा मुक्त कराने और स्वच्छ बनाने के लिए पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने मनपा को इस परिसंकल्पना पर काम करने के निर्देश दिए थे। जिसे देखते हुए मनपा ने टर्की देश की तकनीकी को यहां लागू करने का फैसला किया। टर्की की सिसमत कंपनी को इसका काम मिला है। वर्ली और इरला में २० -२० करोड़ रुपए खर्च होगा। कंपनी ५ वर्ष तक इसके मेंटेनेंस और संचालन का काम भी देखेगी।
नालों में गद्दे, टेबल, कुर्सी,फ्रिज 
मनपा के सड़क पुल विभाग के मुख्य इंजीनियर उल्हास महाले ने बताया कि मुंबई के भीतर तमाम कचरे को लोग नालों में फेंक देते हैं और नालों के माध्यम से कचरा सीधे समुद्र को गंदा करता है। इसके अलावा नालों में कचरा फेंकने  से नाले जाम हो जाते हैं। यह रोकना जरूरी है।
कचरा न फेंकने की जिम्मेदारी लोग स्वीकारें
मुंबईकर मुंबई को अपनी मां की तरह प्यार करें, तभी यह समस्या सुलझेगी। एक अन्य अधिकारी के अनुसार मानसून में काफी तेज रफ्तार से पानी के बहाव के चलते मैन्युअली लोग यहां काम नहीं कर पाते हैं। भारी बारिश में सारा कचरा बहकर समुद्र में चला जाता है। मशीन लग जाने से भारी बरसात और बाढ़ जैसी स्थिति में भी कचरे को समुद्र में जाने नहीं दिया जाएगा। फिल्टर कर ही पानी समुद्र में छोड़ा जाएगा।

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