मुख्यपृष्ठटॉप समाचारजासूसी का होगा पर्दाफाश... फोन टेपिंग का कौन है बॉस?

जासूसी का होगा पर्दाफाश… फोन टेपिंग का कौन है बॉस?

सामना संवाददाता / मुंबई

देवेंद्र फडणवीस से आज साइबर पुलिस करेगी पूछताछ
भाजपा के कार्यकाल में हुए फोन टेपिंग मामले में आईपीएस रश्मि शुक्ला के खिलाफ बीकेसी साइबर सेल ने टेलीग्राफ एक्ट के अनुसार पिछले वर्ष एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में अब पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को सीआरपीसी १६० के अंतर्गत नोटिस भेजा है। उन्हें मुंबई के बीकेसी पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए आज बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो इस पूछताछ में जासूसी का पर्दाफाश होने के साथ ही इसके असली बॉस का भी खुलासा होगा। इससे फडणवीस की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।
बता दें कि फोन टेपिंग का विषय विधानसभा में गूंजा था, जिसके बाद राजनेताओं के फोन टेपिंग मामले की जांच के लिए तत्कालीन पुलिस महासंचालक संजय पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमिटी बनाई गई। इस कमिटी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में आईपीएस रश्मि शुक्ला दोषी पाई गई हैं। इस मामले में पुणे के बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद रश्मि शुक्ला ने मुंबई हाईकोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दर्ज की थी, जिसमें उन्हें १ अप्रैल तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी गई है। रश्मि शुक्ला पर यह आरोप है कि उन्होंने एसआईडी में रहते हुए कुछ मंत्रियों के गैरकानूनी ढंग से फोन टेप किए थे, जिसमें कांग्रेस नेता नाना पटोले, संजय काकड़े, आशीष देशमुख, बच्चू कडू का नाम शामिल है। इसके साथ ही पिछले साल साइबर पुलिस ने भी टेलीग्राफ एक्ट के अनुसार शिकायत दर्ज की थी। इस मामले की जांच शुरू है। इस मामले में बीकेसी साइबर पुलिस देवेंद्र फडणवीस से पूछताछ करनेवाली है। फडणवीस ने कहा कि मुझे मुंबई पुलिस की तरफ से नोटिस भेजी गई है और कल सुबह ११ बजे बीकेसी पुलिस स्टेशन में बुलाया गया है। मैं अपना बयान दर्ज करवाने के लिए वहां जरूर जाऊंगा। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग में चर्चा के बाद मुंबई पुलिस ने पैâसला लिया है कि फडणवीस रविवार को मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे, बल्कि पुलिस खुद उनके घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी।
कोडनेम का होता था इस्तेमाल
फोन टेपिंग मामले में आरोप लगाया गया था कि एक केंद्रीय मंत्री के पीए, एक पूर्व सांसद व कुछ अन्य लोगों के भी फोन टेप किए गए थे। शुक्ला ने पटोले, तत्कालीन भाजपा विधायक आशीष देशमुख, निर्दलीय विधायक बच्चू कडू और निर्दलीय राज्यसभा सदस्य संजय काकड़े के फोन टेप करते समय कोडनेम का इस्तेमाल किया था।

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