हर सुबह

हर सुबह नया साल है।
हर सुबह नया जीवन है।
हर सुबह नया मौका है।
हर सुबह बेशकीमती है।
हर सुबह नई हवा है।
हर सुबह नई सांस है।
हर सुबह नई मुस्कान है।
हर सुबह सूरज का चमकना है।
हर सुबह कली का खिलना है।
हर सुबह परिंदों का चहकना है।
हर सुबह नई खुशी है।
हर सुबह नया आनंद है।
हर सुबह प्रभु कृपा है।
हर सुबह ईश-अनुकंपा है।
हर सुबह शुक्रिया करना है।
हर सुबह शुभ ही शुभ है।
हर सुबह जय-जयकार है।
हर सुबह सुस्वागतम होना है।

आर.डी.अग्रवाल `प्रेमी’
मुंबई

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