मुख्यपृष्ठनए समाचारखाद्य तेल का महंगा तिलिस्म! ...एक बार फिर दामों में आया उछाल

खाद्य तेल का महंगा तिलिस्म! …एक बार फिर दामों में आया उछाल

• पामोलिन निर्यात पर इंडोनेशिया ने लगाई रोक
• बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल
सामना संवाददाता / ठाणे । होली के बाद खाद्य तेलों में थोड़ी नरमी देखी गई थी। लेकिन अब फिर से तेजी का दौर शुरू हो गया है। अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि इंडोनेशिया ने अपने यहां से निर्यात होनेवाले पामोलिन तेल एवं उसके सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसकी वजह से देश के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल है। खाद्य एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई तेज वृद्धि के बाद अब खाद्य तेलों की कीमतों में हो रही वृद्धि से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
दुनिया में पाम तेल के सबसे बड़े उत्पादकों और निर्यातकों में से एक इंडोनेशिया में ताड़ के तेल की कमी के साथ यह एक बहुत ही अलग तरह का संकट है। कमी इतनी अधिक है कि इंडोनेशियाई सरकार को कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाने पड़े हैं। इसमें कुछ मूल्य नियंत्रण और निर्यात उपाय शामिल हैं। मार्च २०२१ में इंडोनेशिया में एक लीटर ब्रांडेड खाना पकाने के तेल की कीमत १४,००० इंडोनेशियाई रुपिया थी, जो मार्च में बढ़कर २२,००० इंडोनेशियाई रुपिया हो गई है। इस तरह से खाद्य तेल एक साल में ५७ प्रतिशत बढ़ा है। १ फरवरी को इंडोनेशियाई सरकार ने खुदरा मूल्य सीमा निर्धारित की। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने निर्यातकों के लिए अपने नियोजित शिपमेंट का २० प्रतिशत घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया और फिर एक सप्ताह के भीतर इसमें परिवर्तन कर ३० प्रतिशत घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया है। निर्यात के लिए दी गई परमिशन में धांधली हुई है। सरकार इसकी जांच कर रही है। पाम तेल की कमी को देखते हुए इंडोनेशिया सरकार ने निर्यात पर संपूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है। यह प्रतिबंध २८ अप्रैल से लागू हो जाएगा। यानी आनेवाले कुछ दिनों में जो वेसल बंदरगाहों पर तेल भरकर खड़े हैं, उतना ही माल निर्यात हो पाएगा।

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