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नोएडा के नालों में शवों का मेला! …९ महीने में मिलीं ७२ बॉडी

९० फीसदी लाशों की हो चुकी है पहचान

सामना संवाददाता / नोएडा
नोएडा के नालों में शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। वहां अब तक इतने ज्यादा शव मिल चुके हैं कि कहा जा सकता है कि इस नाले में शवों का मानो मेला लगा हुआ है। पुलिस के अनुसार, बीते ९ महीने में करीब ७२ शव मिले हैं। कई शवों की पहचान हुई तो कई हत्या के आरोपी पकड़े भी गए। हालांकि, पुलिस का दावा है कि ६० से ७० प्रतिशत शव दूसरे राज्यों से बहकर भी नोएडा में पहुंचे हैं। ज्यादातर मामलों में हत्या कर शवों को नालों में फेंकने के मामले सामने आए हैं।
एसीपी रजनीश वर्मा के मुताबिक, ६० से ७० प्रतिशत डेड बॉडी दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले नाले और नदी के रास्ते से बहकर नोएडा पहुंची हैं। शिनाख्त के बाद इनका पता दिल्ली निकला है। कुछ बॉडी हिंडन को जोड़ने वाले शहरों से आ सकती हैं, जिसमें गाजियाबाद और आस-पास के गांव शामिल हैं। बाकी शव भिखारी या शराबियों के हैं।
बता दें कि नोएडा, यूपी का बॉर्डर है। यह दिल्ली को करीब ८ से ज्यादा छोटे-बड़े सड़क मार्ग को जोड़ता है। इसके अलावा दो बड़े नाले और एक नदी भी दिल्ली को नोएडा से जोड़ती है। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि क्राइम किसी और स्टेट में होता है और बॉडी नालों और नदियों से बहते हुए यहां पहुंच रही है। मंगलवार को भी एक डेड बॉडी नोएडा के फेज-२ नाले में मिली, जिसकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
एसीपी के मुताबिक, करीब ९० प्रतिशत डेड बॉडी की पहचान हो चुकी है। बाकी शवों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। दिल्ली से आने वाली यमुना नोएडा के एक बड़े हिस्से करीब ५ हजार हेक्टेयर के डूब क्षेत्र को कवर करती है। साथ ही शाहदरा ड्रेन दिल्ली के अशोक नगर (बॉर्डर) से यमुना तक जाती है। कोंडली नाला मयूर विहार से नोएडा में प्रवेश करते हुए ८० फीसदी सेक्टर्स को कवर करता हुआ यमुना में गिरता है। यही नोएडा का मेन ड्रेन भी है। हरौला नाला कोंडली नाले को जोड़ता है। हिंडन नदी गाजियाबाद से होते हुए नोएडा के छिजारसी से एंट्री करती है और यमुना में गिरती है।

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