मुख्यपृष्ठनए समाचारभाजपा की सत्ता की मस्ती को उतारे बिना दम नहीं लेंगे किसान!...

भाजपा की सत्ता की मस्ती को उतारे बिना दम नहीं लेंगे किसान! …कांग्रेस को विश्वास

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में प्याज की कीमत को लेकर जहां तीव्र आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है, वहीं राज्य के मंत्री लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। यदि आप प्याज नहीं खरीद सकते हैं तो एक या दो महीने तक प्याज न खाने से क्या होगा? ऐसा घटिया सवाल शिंदे सरकार के वैâबिनेट मंत्री दादा भुसे ने राज्य की जनता से किया है। ईडी सरकार के मंत्रियों को न तो किसानों की चिंता है और न ही जनता की। वे सत्ता की मस्ती में हैं, लेकिन सही समय पर राज्य की जनता और किसान सत्ता की मस्ती को उतारे बिना दम नहीं लेंगे, ऐसा विश्वास कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने व्यक्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि प्याज पर निर्यात शुल्क को बढ़ाकर ४० प्रतिशत किए जाने से राज्य में प्याज की कीमत गिर गई है। इस वजह से किसानों में काफी गुस्सा है। किसानों के गुस्से के डर से राज्य सरकार भाग कर केंद्र सरकार के पास गई, जिसके बाद अब नाफेड के जरिए २ लाख मैट्रिक टन प्याज खरीदने की घोषणा की गई है।
पटोले ने कहा है कि नाफेड से प्याज खरीदने का पैâसला किसानों को गुमराह करनेवाला है। उन्होंने पूछा है कि आखिर केंद्र सरकार प्याज पर ४० प्रतिशत निर्यात शुल्क क्यों नहीं कम कर रही है? पटोले ने कहा कि राज्य के किसान और जनता, सरकार से इस सवाल का जवाब मांग रही है। प्याज के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पटोले ने कहा कि कुछ महीने पहले प्याज की कीमतों में गिरावट के बाद राज्य सरकार ने भी नाफेड के जरिए प्याज खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन हकीकत में यह खरीदी नहीं की गई। इसके अलावा नाफेड ने इसी तरह तुअर दाल, चना और कपास की भी खरीदी नहीं की थी। प्याज जल्द खराब होनेवाली सामग्री है। पटोले ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करने का काम कर रही है। प्याज पर भाजपा सरकार द्वारा निर्यात शुल्क बढ़ाए जाने का सरकार का पैâसला किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि किसान अभी भूले नहीं हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून के खिलाफ किए गए आंदोलन के दौरान किसानों को अपमानित किया था।

अन्य समाचार