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महाराष्ट्र में फिर बढ़ा बर्ड फ्लू का खौफ … चिकन खाने वालों सावधान! …नागपुर में मारी गईं ८,५०० मुर्गियां 

१६ हजार अंडे किए गए नष्ट
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में एक बार फिर से बर्ड फ्लू का खौफ बढ़ गया है। बताया जाता है कि नागपुर के क्षेत्रीय हैचरी केंद्र में बर्ड फ्लू से संक्रमित करीब साढ़े आठ हजार मुर्गियों को मार दिया गया साथ ही १६ हजार अंडो को नष्ट किया गया। इस बीमारी के मद्देनजर चिकन खाने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बीमारी की भनक लगते ही राज्य के साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी के मद्देनजर बर्ड फ्लू पैâलने के कारणों को तलाशने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम राज्य की उपराजधानी नागपुर में आकर डेरा डालेगी।
उल्लेखनीय है कि नागपुर में स्थित क्षेत्रीय हैचरी केंद्र में स्थाई और संविदा दोनों तरह के लगभग १५ अधिकारी और कर्मचारी लगातार मुर्गियों के संपर्क में थे। इसलिए मनपा स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर इन सभी की मेडिकल जांच की है। अब तक की जांच में इनमें से किसी में भी बीमारी का कोई लक्षण नहीं पाया गया है। लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग कुछ दिनों तक इन सभी कर्मचारियों पर नजर रखेगा। इसके अलावा यदि कोई लक्षण दिखाई देता है, तो उनके नमूने बर्ड फ्लू परीक्षण के लिए पुणे की प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे।
इस तरह हुआ खुलासा
संबंधित सरकारी ‘पोल्ट्री ब्रीडिंग सेंटर’ में बर्ड फ्लू पैâलने के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन सैकड़ों मुर्गियां मर रही थीं। पशुपालन अधिकारियों ने मौत के कारणों की जांच के लिए बीमार मुर्गियों के नमूने पुणे और फिर भोपाल की एक उच्च सुरक्षा प्रयोगशाला में भेजे थे। चार मार्च को आई रिपोर्ट में साफ हुआ कि ये मुर्गियां ‘बर्ड फ्लू’ यानी ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ से संक्रमित थीं। नियमानुसार प्रशासन ने संबंधित मुर्गी पालन केंद्र के एक किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र और दस किलोमीटर तक के क्षेत्र को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है।
क्या है बर्ड फ्लू?
बर्ड फ्लू एच५एन१ वायरस के कारण होता है। इसे एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है। मुख्य रूप से यह वायरस बतखों, मुर्गियों और प्रवासी पक्षियों में पाया जाता है, जो संक्रामक होता है। प्रवासी पक्षी अक्सर संक्रमण के प्रसार को बढ़ाते हैं। यह संक्रमण इंसानों में भी पैâल सकता है। लेकिन इंसानों में इस वायरस से संक्रमण की दर बहुत कम है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हुआ सतर्क 
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बर्ड फ्लू को गंभीरता से लिया है। सरकार के स्वास्थ्य उपनिदेशक और संबंधित विभागों को केंद्रीय कमेटी के आने की सूचना दे दी गई है। लेकिन अभी तारीख और समय की घोषणा नहीं की गई है। मामले पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य उपनिदेशक कार्यालय ने नागपुर के जिला स्वास्थ्य अधिकारी और नागपुर मनपा के स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र लिखकर सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

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