मुख्यपृष्ठसमाचारशिवसेना ने किया सपना साकार .... बेखौफ कर रहे नदी पार!

शिवसेना ने किया सपना साकार …. बेखौफ कर रहे नदी पार!

• ग्रामीणों को जोखिम में नहीं डालनी होगी जान
• आदित्य ठाकरे के निर्देश के बाद बना लोहे का ब्रिज
योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर । सीएम उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार जनहित के कार्यों में नित नए आयाम बना रही है। जनता का हर वर्ग राज्य की महाविकास सरकार से संतुष्ट है। ऐसे ही राज्य के लोकप्रिय पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे इन दिनों नासिक से लेकर पालघर तक लोगों की समस्याओं को पलक झपकते दूर कर रहे हैं। अब दहाणु तालुका के सोनाले-कोदेपाड़ा के आदिवासियों को अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। पर्यावरण मंत्री के निर्देश के बाद शिवसेना के पालघर विधानसभा क्षेत्रप्रमुख वैभव संखे ने लोगों का सपना साकार किया है। अब यहां की जनता बेखौफ होकर नदी (कैनल) को पार करेगी। दरअसल सूर्या डैम के कैनल पर लोगों के लिए एक लोहे के ब्रिज का निर्माण करवाया गया है।
वैभव संखे ने कहा कि एक सच्चा शिवसैनिक होने के नाते ग्रामीणों की समस्या को दूर करना उनका फर्ज था। ब्रिज का उद्घाटन संपर्कप्रमुख रवींद्र फाटक और सांसद राजेंद्र गावित ने किया। इस दौरान विधायक श्रीनिवास वनगा, जिलापरिषद की अध्यक्ष वैदेही वाढन, पूर्व विधायक अमित घोडा, जिलाप्रमुख राजेश शहा, जिलाप्रमुख वसंत चव्हाण, महिला संपर्कप्रमुख ममता चेंबूरकर महिला, संगठक ज्योति मेहेर, तालुका संगठक नीलम मात्रे, तालुकाप्रमुख विकास मोरे, अशोक भोईर, नीलम संखे, जिलापरिषद के गटनेता जयेंद्र दुबला आदि मौजूद रहे।
कई बार हो चुकी है दुर्घटना
सोनाले-कोदेपाड़ा गांव में सूर्या डैम के कैनल की वजह से यह गांव भौगोलिक रूप से दूर हो गए थे। कैनल के उस पार जाने के लिए बूढ़े, बच्चे, महिलाएं, छात्र एक लकड़ी के अस्थाई पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर वर्षों से सफर करते थे। ब्रिज न होने से गांव के कई लोग वैâनल में गिर गए। वैâनल पर ब्रिज बनने से यहां के लोगों को बड़ी राहत मिली है और यह अब बिना किसी जोखिम के अपनी मंजिल तय कर रहे हैं।
दशकों से थे परेशान
जनजातीय बहुल पालघर के कई इलाकों में आजादी के ७५ सालों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। सोनाले-कोदेपाड़ा गांव के लोगों की समस्या तो पहले भी विधायकों और सांसदों तक पहुंची थी लेकिन ग्रामीणों को समस्या से मुक्ति नहीं मिली। ऐसे में इस गांव की समस्या राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे तक पहुंची। उन्होंने तत्काल ब्रिज बनाने के आदेश दिए।
समय की बचत
गांव के उपसरपंच जयप्रकाश कोदे ने बताया कि ब्रिज बनने से वर्षों की समस्या से ग्रामीणों को निजात मिल गई है। पहले वैâनल पर ब्रिज न होने से लोगों को आवागमन में काफी समस्या होती थी। बरसात के मौसम में पानी बढ़ने पर १० मिनट के सफर को तय करने में घंटे भर लगते थे।

जानलेवा सफर से मुक्ति
वैâनल पर पुल नहीं होने के चलते ग्रामीण ३० साल से लकड़ी के अस्थाई पुल से जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे। गांव के लोगों को रोजगार, पढ़ाई, गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए लकड़ी के इसी अस्थाई पुल से जाना पड़ता था। पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के निर्देश पर व एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में गांव में लोहे का पुल बनाया गया। अब ग्रामीणों को जानलेवा सफर से मुक्ति मिल गई है। इस अवसर पर ग्रामीणों के चेहरों पर जो खुशी दिखी, उसे शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता है।
-वैभव संखे, विधानसभा क्षेत्रप्रमुख शिवसेना-पालघर

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