मुख्यपृष्ठनए समाचारप्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण पुरुषों में घट रही प्रजनन क्षमता!

प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण पुरुषों में घट रही प्रजनन क्षमता!

• करीब १८ फीसदी वयस्क पैदा नहीं कर पा रहे बच्चे
•  महिलाओं में भी बढ़ रही है बांझपन की शिकायत 
सामना संवाददाता / मुंबई 
प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण पुरुषों में प्रजनन क्षमता घट रही है। बताया जा रहा है कि करीब १८ फीसदी वयस्क बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे हैं, जबकि ६ में से एक दंपति को बच्चा नहीं हो रहा है। यह रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पेश की गई है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि छह दशकों  में दुनिया की सकल प्रजनन दर (टीएफआर) ५.३ से घटकर महज २.३ पर आ गई है। यानी १९६० में एक महिला अपने जीवनकाल में जहां औसतन ५.३ बच्चों को जन्म दे रही थी, वहीं अब २.३ बच्चों को ही जन्म दे पा रही है, यानी महिलाओं में भी बांझपन की शिकायत बढ़ी है। वर्ष २०२२ में १७.५ज्ञ् वयस्क बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे थे, यानी हर ६ में से एक दंपति। जबकि यह संख्या तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि पुरुषों में प्रजनन क्षमता घटी है।
क्या है समस्या का कारण?
इस समस्या का कारण बढ़ता प्रदूषण और खराब जीवनशैली के साथ  तेजी से बिगड़ता पर्यावरण बताया जाता है, लेकिन सटीक वजहें अभी तक सामने नहीं आई हैं। इसके लिए अक्षमता के विभिन्न प्रकारों को समझना होगा, तभी इलाज भी मिल सकेंगे। इस अक्षमता की अचूक जांच के तरीके आज भी मुहैया नहीं हैं। इस मुद्दे पर लोगों में जागरूकता की भी कमी है।
‘अभी शोध जारी है…’
हडसन चिकित्सा शोध संस्थान में चिकित्सक प्रो. रॉबर्ट मैक्लाक्लन बताते हैं कि पुरुष जनन अक्षमता के अधिकतर मामलों में डॉक्टरों को कारण तक पता नहीं चल पाता। उनमें गैमेट कही जाने वाली प्रजनन कोशिकाओं के निर्माण को लेकर विज्ञान के पास बेहद सीमित समझ है। सीमन संरचना में कमी व अन्य कारणों में दिक्कतें आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जटिलताओं के कारण अभी तक शोध चल रहा है।

विफलता का कारण है अनदेखी 
परिवार में बच्चे पैदा न होने के ३० फीसदी में पुरुषों में प्रजनन अक्षमता है तो वहीं ३० फीसदी मामलों में महिलाओं का बांझपन वजह है। हालांकि, यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है। मेलबर्न विश्वविद्यालय की डीन प्रो. मोयरा ओ’ब्रायन के अनुसार, पुरुषों में प्रजनन अक्षमता सामान्य समस्या है और पूरी दुनिया में व्याप्त है। पुरुषों में इस पहलू की अनदेखी स्वास्थ्य प्रणाली की विफलता है, जबकि पुरुषों में समस्या की वजह कोई और बीमारी भी हो सकती है।

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