मुख्यपृष्ठनए समाचारभूखंड में श्रीखंड खाने वालों पर उठी उंगली

भूखंड में श्रीखंड खाने वालों पर उठी उंगली

-खुद के बनाए कानून को तोड़ रहा सिडको!

-मैंग्रोव से छेड़छाड़ करने पर नाराज पर्यावरणप्रेमी

सामना संवाददाता / मुंबई

सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवल पमेंट कॉर्पोेरेशन (सिडको) द्वारा अपने ही आदेशों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। इसके बाद से सिडको के अधिकारियों पर करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जा रहा है। यह मामला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दरबार में भी गया, लेकिन वहां से निर्णय नहीं आता देख पर्यावरणप्रेमी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
उनका कहना है कि अगर मैंग्रोव काटनेवालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे एफआईआर से लेकर जन आंदोलन करने की तैयारी करेंगे। बताया जा रह है कि नई मुंबई के सेक्टर २३ में सिडको द्वारा सीआरजेड २ क्षेत्र में विलेपार्ले मार्बल संगठन के २६ व्यापारियों को प्लॉट देने के लिए मैंग्रोव को काटकर नया प्लॉट तैयार किया जा रहा है। जबकि, सिडको के पूर्व एमडी संजय भाटिया ने हाई कोर्ट में सन २०१५ में हलफनामा देकर मैंग्रोव की वजह से जगह नहीं होने का कारण देकर व्यापारियों को प्लॉट देने में असमर्थता व्यक्त की थी।
वर्ष २०१७ के अपने बोर्ड रेज्यूलेशन में सिडको ने पांच व्यापारियों को कोर्ट के आदेश के बाद सिडको द्वारा पूर्व में ही कंफर्म किए गए ५ प्लॉटो की जगह देकर बचे हुए २६ प्लॉटधारकों को पूरा पैसा बगैर ब्याज के तुरंत वापस करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसे लेकर पर्यावरणविद् एवं एडवोकेट विनोद गंगवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर आरोप लगाया है कि सिडको ने सिर्फ व्यापारियों पर दबाव बनाने के लिए आदेश पारित किया था, वरना इस आदेश को ५ साल बीत जाने के बावजूद सिडको द्वारा उन्हें पैसा वापस क्यों नहीं किया गया?
उन्होंने आगे कहा कि जिस हाई कोर्ट में हलफनामा देकर अधिकारियों ने प्लॉट उपलब्ध नहीं हैं बताया था, क्या वापस कोर्ट का कोई आदेश मिला है, पुन: आवेदन के लिए या सिर्फ अब उन्हीं व्यापारियों से सांठगांठ कर सिडको अधिकारी मैंग्रोव क्षेत्र में जहां सीआरजेड २ लागू है तथा पनवेल महानगरपालिका इस क्षेत्र में ओसी/सीसी भी नहीं दे रहा है, इन २६ व्यापारियों को प्लॉट आवंटित करने की कोशिश कर रहा है।
क्या इन व्यापारियों के पास कोर्ट का कोई आदेश है? सिडको बोर्ड ने मार्च २०२३ में अपने बोर्ड में इस प्रस्ताव को पारित भी कर दिया। विनोद गंगवाल ने करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार एवं पर्यावरण से छेड़छाड़ की इस घटना की शिकायत माननीय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सिडको एमडी, जिला कलेक्टर रायगढ़, पर्यावरण विभाग केंद्र सरकार से की है।

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