मुख्यपृष्ठनए समाचारधनुष-बाण पर चुनाव आयोग के समक्ष १२ दिसंबर को पहली सुनवाई!

धनुष-बाण पर चुनाव आयोग के समक्ष १२ दिसंबर को पहली सुनवाई!

• दस्तावेज जमा कराने के लिए
• ९ दिसंबर तक बढ़ाई गई समय सीमा
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ का मुद्दा केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष प्रलंबित है। इस मामले की पहली सुनवाई अगले महीने की १२ तारीख को चुनाव आयोग में शुरू होगी। शिवसेना पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के मामले में जल्द से जल्द सुनवाई कर अंतिम पैâसला देने का निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट ने १५ नवंबर को दिया था। इसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग में हलचल हुई और इस विवाद पर पहली सुनवाई की तारीख तय की गई है।
चुनाव आयोग ने असली शिवसेना और शिंदे गुट इन दोनों पक्षों को दस्तावेज जमा करने के लिए २३ नवंबर तक का समय तय किया था लेकिन अब यह समय सीमा बढ़ा दी गई है। चुनाव आयोग ने दोनों खेमों को निर्देश दिया कि अगर चुनाव चिह्न से जुड़ा कोई अन्य दस्तावेज देना बाकी है तो वे इसे ९ दिसंबर की शाम ५ बजे तक जमा करा सकते हैं। साथ ही आयोग ने यह भी कहा है कि दोनों गुट चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेज एक-दूसरे को भी उपलब्ध कराएं।

अंधेरी उपचुनाव के लिए था आदेश
अंधेरी-पूर्व विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के मद्देनजर आठ अक्टूबर को चुनाव आयोग ने एक अंतरिम आदेश में शिवसेना के नाम व उसके चिह्न ‘धनुष और बाण’ का उपयोग करने पर रोक लगाई थी। तब चुनाव आयोग ने असली शिवसेना को शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे नाम और मशाल निशान दिया था, वहीं एकनाथ शिंदे गुट को भी एक नया नाम व निशान आवंटित किया था। यह आदेश अंधेरी-पूर्व विधानसभा चुनाव के लिए लागू था। अब अंधेरी चुनाव समाप्त हो गया है और इसके साथ ही आदेश भी समाप्त हो गया है।

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