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पहले टमाटर ने किया लाल, अब बंगलुरु में केले ने मचाया बवाल! कीमतें १०० रुपए प्रति किलो तक बढ़ गईं

सामना संवाददाता / बंगलुरु
सब्जियों के बाद अब केले की कीमत ने बवाल मचाना शुरू कर दिया है। केले की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बंगलुरु में केले की कीमतें १०० रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई हैं। केले की कीमत में उछाल की वजह सप्लाई और डिमांड में उतार-चढ़ाव को माना जा रहा है। बंगलुरु अपनी केले की सप्लाई के एक बड़े हिस्से के लिए तमिलनाडु पर निर्भर है।
बंगलुरु एपीएमसी के सचिव राजन्ना के अनुसार, शहर की खपत पर दो प्राइमरी वैरायटीज एलाक्कीबेल और पचबाले हावी हैं। डिमांड और सप्लाई के बीच संतुलन में उतार-चढ़ाव आता रहता है। वर्तमान में, तमिलनाडु से सप्लाई काफी कम है। लगभग ३० दिन पहले, बिन्नीपेट मार्वेâट में १,५०० क्विंटल एलाक्कीबेल वैरायटी मिली थी, जिसकी संख्या मौजूदा समय में १,००० क्विंटल पर आ गई है।
बंगलुरु एपीएमसी के अनुसार, शहर का सप्लाई नेटवर्क तुमकुरु, रामानगर, चिक्काबल्लापुरा, अनेकल और बेंगलुरु ग्रामीण तक फैला हुआ है। राजन्ना ने कहा कि तमिलनाडु अपनी सप्लाई होसुर और कृष्णागिरि से करता है। इंटरस्टेट स्पलाई में रुकावट के कारण इलाक्की केले की थोक कीमतें वर्तमान में ७८ रुपए प्रति किलोग्राम हैं और पचबले के लिए १८-२० रुपए प्रति किलोग्राम हैं. ट्रांसपोर्टेशन और मार्केटिंग खर्चों को ध्यान में रखते हुए, खुदरा कीमतें क्रमश: १०० रुपए और ४० रुपए तक बढ़ गई हैं।
सीजनल डिमांड में इजाफा
जैसे-जैसे ओणम, गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा जैसे त्योहार आते हैं, केले की डिमांड में इजाफा होता है। नागासंद्रा में बायरवेश्वर केले की दुकान के मालिक हनुमंतरायप्पा ने कहा कि हमारी सप्लाई कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों से होती है, जिसमें शिवमोग्गा मुख्य योगदानकर्ता है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आते हैं, बढ़ती डिमांड हमारे प्रोडक्शन से ज्यादा होती है। चुनौती स्टॉक को फिर से भरने में है और हमें कुछ ही दिनों में कीमतों में भारी वृद्धि की आशंका है।

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