मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासेहत का तड़का : डांस है मेरा वर्कआउट!-प्रभु देवा 

सेहत का तड़का : डांस है मेरा वर्कआउट!-प्रभु देवा 

एसपी यादव। अपने प्रशंसकों के बीच ‘भारत के माइकल जैक्शन’ के रूप में मशहूर कोरियोग्राफर, एक्टर और फिल्ममेकर पद्मश्री प्रभु देवा का जन्म ३ अप्रैल, १९७३ को कर्नाटक के मैसूर में मुगुर सुंदर और महादेवम्मा सुंदर के घर हुआ। दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रतिष्ठित कोरियोग्राफर अपने पिता मुगुर सुंदर से प्रेरित होकर उन्होंने डांस करना शुरू किया और भरतनाट्यम और उडुपी के साथ-साथ वेस्टर्न डांस में भी महारत हासिल की। अपनी चुस्ती-फुर्ती और छरहरी काया के लिए मशहूर प्रभु देवा अपनी फिटनेस का सारा श्रेय नियमित डांस प्रैक्टिस और संतुलित खान-पान को देते हैं।

प्रभु देवा पहली बार १९८६ में ‘मौन रागम’ फिल्म में बांसुरी बजाते एक लड़के के किरदार में पर्दे पर नजर आए। १९८८ में वे तमिल फिल्म ‘अग्नि नटचथिरम’ में कोरस में डांस करते नजर आए। उन्होंने १९८९ में कमल हासन अभिनीत ‘वेत्री विझा’ से बतौर कोरियोग्राफर अपना करियर शुरू किया और अब तक १०० से अधिक फिल्मों में कोरियोग्राफ किया है और सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं। खुद को एक बेहतरीन कोरियोग्राफर, डांसर, अभिनेता और निर्देशक के रूप में स्थापित कर चुके प्रभु देवा को २०१९ में `पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने रामलथ (लता) से शादी की थी। उनके तीन बच्चे हुए। लेकिन २००८ में वैंâसर से १३ साल की उम्र में उनके बड़े बेटे का निधन हो गया। २०११ में उनका तलाक हो गया। इसके बाद प्रभु देवा मुंबई चले आए और बोनी कपूर के पुराने घर ग्रीन एकर्स में रहने लगे।

व्यायाम से परहेज, डांस से प्यार
अपनी छरहरी काया और जबरदस्त फुर्ती के लिए मशहूर प्रभु देवा व्यायाम के मामले में थोड़े आलसी हैं। वे अपने अब तक के जीवन में मुश्किल से ३०-४० बार जिम में एक्सरसाइज करने गए हैं। लेकिन डांस करने के मामले में उनकी निरंतरता बरकरार है। प्रभु देवा कहते हैं, ‘मैं जब तक पूरी तरह थक नहीं जाता तब तक डांस करता हूं। मेरे नियमित डांस अभ्यास से व्यायाम की भरपाई हो जाती है। डांस से मुझे शक्ति मिलती है।’

बेहतर पाचनशक्ति के लिए ईश्वर का आभार
प्रभु देवा कहते हैं, ‘मैं अपनी फिटनेस का सारा श्रेय डांस को देता हूं। साथ ही ईश्वर का आभार मानता हूं कि मेरी पाचनशक्ति शुरू से ही बेहतरीन है। मेरी सलाह है कि हर किसी को फिट रहने के लिए डांस का अभ्यास करना चाहिए। मैं इस बात में यकीन नहीं करता कि डांस करने के लिए विशेष प्रकार की बॉडी होनी चाहिए। बस संगीत की लय पर अपने शरीर को मुक्त छोड़ देना चाहिए। डांस निश्चित रूप से फिटनेस बनाए रखने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है और मजेदार भी है।’

ऐसी है प्रभु देवा की दिनचर्या
प्रभु देवा सुबह सात बजे तक उठ जाते हैं। वे सबसे पहले एक कप ग्रीन टी पीते हैं। नाश्ते में दूध और कॉर्नफ्लेक्स या फिर इडली-डोसा खाते हैं। दोपहर के भोजन में दो रोटी और एक कटोरी सब्जी और पापड़ खाते हैं। शाम को सात बजे से पहले डिनर कर लेते हैं। डिनर में चावल नहीं खाते हैं। कभी-कभार रात में ज्यादा भूख लगने पर अंडे के सफेद हिस्से की भुर्जी खा लेते हैं। प्रभु देवा लंच से पहले और लंच के बाद एक केला खाना पसंद करते हैं। उन्हें केले के अलावा तरबूज और आम पसंद है।

कम भोजन करने में यकीन
प्रभुदेवा शाकाहारी हैं और कम भोजन करने में यकीन रखते हैं। बकौल प्रभु देवा, ‘फूला हुआ या सुस्त महसूस करना मुझे पसंद नहीं है इसलिए मैं सीमित मात्रा में भोजन करता हूं। अक्सर सेट पर भी घर पर बना भोजन लेकर जाता हूं। पार्टियों में जाने से परहेज करता हूं और काम न होने पर जल्दी सो जाता हूं।’ प्रभु देवा को मां के हाथ का बना डोसा, इडली पायसम, रवा लड्डू, चकली आदि बहुत पसंद है और उन्हें हर चीज में आलू बहुत पसंद है। प्रभु देवा को कर्नाटक का मसालेदार पारंपरिक व्यंजन बिसे बेले भात बेहद पसंद है। कभी-कभार वे चाइनीज भोजन भी करते हैं।

बिसे बेले भात की रेसिपी

सामग्री:
एक कप चावल, आधा घंटा भिगोने के बाद छानी गई आधा कप अरहर की दाल, एक चम्मच चना दाल, एक चम्मच उड़द दाल, एक छोटा कटोरी कद्दूकस नारियल, एक चम्मच नारियल का तेल, एक टुकड़ा दालचीनी, पांच कश्मीरी लाल मिर्च, दो चम्मच खड़ा धनिया, एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा कप बारीक कटे आलू, आधा कप बारीक कटे गाजर, आधा कप बारीक कटी शिमला मिर्च, आधा कप बारीक कटा प्याज, बारीक टुकड़ों में कटी सहजन की एक फली, कुछ कढ़ी पत्ते, एक चम्मच घी, दो चम्मच इमली का पेस्ट और स्वादानुसार नमक।

विधि:
चावल को दो घंटे तक पानी में भिगाकर रखने के बाद छान कर अलग रख लें। पैन में तेल गरम कर सभी सामग्री को उसमें भून लें और ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में पीसकर पाउडर की तरह बना लें। अब अरहर दाल, तेल, हल्दी पाउडर, नमक और पांच कप पानी को एक पैन में १०-१२ मिनट तक पका लें। चावल, गाजर, आलू, शिमला मिर्च, प्याज और सहजन की फली को मिलाकर पूरी सामग्री को १०-१५ मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब तैयार मसाला और इमली का पेस्ट डालकर पांच मिनट तक पकाएं। बेले भात पर घी डालकर परोसें।

फायदे:
यह झटपट ऊर्जा प्रदान करनेवाला सुपाच्य भोजन है। इसकी एक खुराक में लगभग ५०४ वैâलोरी है। इसम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और सीमित मात्रा में पैâट होता है। इसमें विटामिन-ए, विटामिन बी-१ (थाइमीन), विटामिन बी-२ (रिबोफ्लेविन) विटामिन बी-३, विटामिन-सी और विटामिन-ई पर्याप्त मात्रा में होता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने, लीवर को मजबूत करने, हृदय को स्वस्थ रखने और वजन को नियंत्रित करने में कारगर है।

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