मुख्यपृष्ठनए समाचारवसई में दुर्घटनाओं की बाढ़ ... गाड़ियों की तेज गति रोक रही...

वसई में दुर्घटनाओं की बाढ़ … गाड़ियों की तेज गति रोक रही जीवन की गति!

७ महीने में सड़क दुर्घटना में
८२ की गई जान, १३१ हुए घायल
राधेश्याम सिंह / वसई
वसई-विरार क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। यहां गाड़ियों की गति इंसानों की जीवन गति को रोक रही है। तेज गति से गाड़ी चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, बिना हेलमेट के बाइक चलाने, सड़क पर गड्ढे होने की वजह से वाहन से नियंत्रण खो जाता है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। बता दें कि वसई-विरार इलाके में सात महीने में सड़क हादसे में ८२ लोगों की मौत हो चुकी है और १३१ लोग घायल हुए हैं। इनमें ३७ विरार डिविजन में और ४५ वसई डिविजन में सड़क दुर्घटना हुई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से शहर में अन्य दुर्घटनाओं की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वाहनों की बढ़ती संख्या के अलावा कुछ चालक नियमों का उल्लंघन कर तेज गति से वाहन चलाते हैं। साथ ही बरसात के दौरान बड़े भारी वाहनों से टकराने, ओवरटेक करते समय नियंत्रण खोने, दोपहिया वाहनों पर स्टंट करने के अलावा कई इलाकों में रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण भी सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। रात के समय में गड्ढे दिखाई नहीं देते और बाइक चालक गड्ढे में गिर जाते हैं।
स्पीड ब्रेकर और सिग्नल सिस्टम का अभाव
वसई-विरार यूनिट २ और ३ के यातायात विभाग के क्षेत्र में जनवरी २०२३ से जुलाई तक सात महीनों में हुई सड़क दुर्घटना में ८२ लोगो की मौत हो गई है। १३१ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यातायात विभाग ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने आदि के लिए यातायात विभाग द्वारा विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं के कई कारण हैं। सड़कों पर सुरक्षा के लिए आवश्यक स्पीड ब्रेकर और सिग्नल सिस्टम का अभाव है। पुराने वॉटर टैंकर जिनकी लाइफ समाप्त हो चुकी है, वे भी टैंकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। पुराने हो चुके वॉटर टैंकरों से पानी का लीकेज भी सड़क हादसों का कारण बन रहा है।
चलाया जाएगा अभियान
नालासोपारा-विरार रोड को यातायात के लिए चालू कर दिया गया लेकिन इसमें कोई डिवाइडर, स्पीड बंप नहीं था, जिसके चलते पहले दिन एक छोटे बच्चे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सड़क दुर्घटनाओं में युवाओं के मरने की संख्या अधिक होती है। बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते समय सिर में चोट लगने से कई मौतें हुई हैं, वसई ट्रैफिक सर्कल २ के पुलिस इंस्पेक्टर सागर इंगोले ने जानकारी दी है कि १ सितंबर से एक बार फिर हेलमेट अनिवार्यता अभियान शुरू किया जाएगा। इससे पहले भी इस तरह का अभियान चलाकर कार्रवाई की गई थी।

अन्य समाचार