मुख्यपृष्ठखबरेंबाबा विश्वनाथ के दरबार में आस्था का उमड़ा सैलाब

बाबा विश्वनाथ के दरबार में आस्था का उमड़ा सैलाब

-लाखों ने लगाई हाजिरी

उमेश गुप्ता / वाराणसी

सावन के 8वें और अंतिम सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम सोमवार के साथ ही प्रदोष पड़ने के कारण करीब 8 लाख लोगों ने बाबा के दरबार में अपना शीश नवाया।लोगों की भीड़ का आलम यह था कि श्रद्धालु देर रात से ही लंबी कतार में बाबा के दर्शन के लिए लग गए थे। सुबह होते-होते गंगा घाट दशाश्वमेध से लेकर गोदौलिया, चौक, मैदागिन और बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के पट तक की सड़कें श्रद्धालुओं से पट गईं हैं। मंदिर प्रशासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, शाम 6 बजे तक सवा छह लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई थी।
मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत जारी रहा। पिछले हर सोमवार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण व्यवस्था संभालने में सुरक्षाकर्मी और सेवादारों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहा। सोमवार को बाबा विश्वनाथ की भव्य मंगला आरती उतारी गई। मंगला आरती समाप्त होते ही बाबा दरबार में दर्शन-पूजन आरंभ हो गया। रविवार रात से ही श्रद्धालु बाबा का दर्शन करने के लिए कतार में लगे रहे। दर्शन के लिए तय किए गए रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान मंदिर प्रशासन द्वारा बाबा के भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई।
हर बार की तरह इस बार भी लोगों को झांकी दर्शन ही मिल रहा है। जलाभिषेक के लिए द्वारों पर पात्र लगाए गए हैं। गंगा तट से लेकर गर्भगृह तक बाबा का दरबार बोल बम के जयकारों से गूंज रहा। सावन के अंतिम सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार किया गया। पिछले सोमवार की भांति इस बार भी श्रद्धालुओं में महिलाओं-बच्चों की संख्या अधिक रही। बुजुर्गों, दिव्यांग दर्शनार्थियों के लिए ई रिक्शा से दर्शन की अलग व्यवस्था की गई थी। भक्तों के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा व खोया-पाया की व्यवस्था पहले से बेहतर दिखाई दी। इन व्यवस्थाओं से सैकड़ों लोग लाभांवित हुए। सुरक्षा के भी चौकस इंतजाम किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गोदौलिया और मैदागिन की ओर आने वाले सभी मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था। सावन के अंतिम सोमवार पर भी जगह-जगह श्रद्धालुओं-कावड़ियों के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा सेवा शिविर भी लगाए गए थे। नगर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बीएचयू स्थित श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके अतिरिक्त केदारघाट स्थित गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर, पांडेय हवेली स्थित तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर, दारानगर स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर, औसानगंज स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।

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