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सभी मतभेद भूलकर एक साथ आओ … रेसकोर्स की २२६ एकड़ खुली जमीन … हड़पने के खिलाफ खड़े रहो! … आदित्य ठाकरे का मुंबईकरों को खुला पत्र

सामना संवाददाता / मुंबई
महालक्ष्मी रेस कोर्स की करीब २२६ एकड़ जमीन ज्यादा ‘एफएसआई’ देकर अपने बिल्डर मित्र के गले में डालने की साजिश असंवैधानिक मुख्यमंत्री की तरफ से चल रही है। मुंबईकरों को विश्वास में लिए बिना मनपा आयुक्त से हाथ मिलाकर और रॉयल वेस्टर्न इंडिया टर्फ क्लब के कुछ सदस्यों को धमकाकर यह सब मामला चल रहा है। इसलिए अपने हक की खुली जगह हड़पे जाने के खिलाफ खड़े रहो! इस तरह का आह्वान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने किया है। साथ ही इस बारे में उन्होंने मुंबईकरों को एक खुला पत्र लिखा है।
आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ पर स्पष्ट किया है कि उन्होंने हाल ही में महालक्ष्मी रेसकोर्स में मुंबईकरों के हक की सैकड़ों एकड़ खाली जमीन को ‘बिल्डर-ठेकेदार सरकार’ के गले में डालने के घोटाले का पर्दाफाश किया है। इसके लिए उन्होंने ‘आरडब्ल्यूआईटीसी’ को धमकी दिए जाने का भी भंडाफोड़ किया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इसके लिए ‘आरडब्ल्यूआईटीसी’ के सभी सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि वह भाजपा द्वारा समर्थित असंवैधानिक सरकार को मुंबईकरों के हक की खुली जगह निर्माण के लिए हड़पने नहीं देंगे।
उन्होंने यह भी दावा किया है कि ‘सह्याद्रि’ पर हुई बैठक में ‘आरडब्ल्यूआईटीसी’ को निर्माण के लिए १०० करोड़ रुपए देने को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि किस अधिकार से टैक्स अदाकर्ता मुंबईकरों की मेहनत का ‘पैसा’ ‘आरडब्ल्यूआईटासीr’ को देने का पैâसला देंगे। उन्होंने यह भी मांग की है कि सुविधाओं के लिए ‘आरडब्ल्यूआईटीसी’ १०० करोड़ रुपए खुद खर्च करे। रेसकोर्स की मनपा के साथ लीज खत्म हो गई होगी तो निर्माण कार्य की अनुमति न देकर लीज बढ़ाई जा सकती है और इस जगह मुंबईकरों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जा सकता है। कमिटी के माध्यम से उचित तरीके से सुविधा, उद्यान, सौंदर्यीकरण किया जा सकता है अथवा ‘आरडब्ल्यूआईटीसी’ को जगह नहीं चाहिए तो प्लेग्राउंड के तौर पर घोषित करो, ताकि मुंबईकरों को हमेशा की तरह सुविधा मिलती रहेगी।

 

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