मुख्यपृष्ठसमाचारपेंशन योजना में फर्जीवाड़ा! बिन ब्याही विधवाएं ले रहीं पेंशन

पेंशन योजना में फर्जीवाड़ा! बिन ब्याही विधवाएं ले रहीं पेंशन

पकड़ में आईं पं. बंगाल की दो महिलाएं
पति के जीवित रहने पर भी बांटी जा रही विधवा पेंशन
कमलकांत उपमन्यु / मथुरा। मथुरा में विधवा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां के गोवर्धन इलाके में रहनेवाली पश्चिम बंगाल की दो महिलाओं को अवैध रूप से विधवा पेंशन जारी कर दी गई, जबकि इन महिलाओं की शादी भी नहीं हुई है। मिली जानकारी के अनुसार एक महिला की शादी भी नहीं हुई है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उसके पति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर उसे विधवा पेंशन दे दी गई। इसके अलावा कुछ ऐसी भी लाभार्थी हैं, जिनके पति जीवित हैं और वे विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी की जांच आख्या में इसका खुलासा हुआ है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने एसडीएम गोवर्धन को दोषियों के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया है।
राधाकुंड में २४ से अधिक बंगाली महिलाओं के कूटरचित अभिलेख तैयार कर विधवा पेंशन दिला दी गई। इसका खुलासा पूर्व चेयरमैन के पुत्र की शिकायत पर प्रोबेशन अधिकारी की जांच से हुआ है। कृष्ण मुरारी मैथिल ने राधाकुंड में अनेक महिलाओं द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर अवैध रूप से विधवा पेंशन की शिकायत आईजीआरएस पर की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रोबेशन अधिकारी ने जांच में पाया कि सुदेवी दास की शादी नहीं हुई है, जबकि राधा देवी का पति जीवित होने के बावजूद वो विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। इनके अलावा बंगाली महिला लिपिका दासी की शादी नहीं हुई, उसे भी विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग रस्तोगी ने बताया कि फर्जी अभिलेख तैयार कर कुछ महिलाओं को अवैध रूप से विधवा पेंशन का लाभ मिलने की शिकायत मिली थी। जांच में दो महिलाओं ने सीएचसी संचालक द्वारा गलत तरीके से पेंशन दिलाने की बात स्वीकार की है। कार्रवाई के लिए एसडीएम गोवर्धन को आख्या प्रेषित की गई है। एसडीएम गोवर्धन संदीप वर्मा ने बताया कि नगर पंचायत से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होता है। सीएचसी संचालक ने बंगाली महिलाओं को किस आधार पर और कहां से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर पेंशन दिलाई है, इसकी जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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