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श्रावण में ‘सनके’ फल! …२५ प्रतिशत से ज्यादा बढ़े दाम

• विदेश से सेब, अंगूर का आयात
सामना संवाददाता / ठाणे
सब्जियों के बाद श्रावण महीने में फल भी ‘सनक’ गए हैं अर्थात महंगे हो गए हैं। इस साल फलों की कीमतों में २५ फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है क्योंकि श्रावण महीने में अधिकांश लोग व्रत रखते हैं और आहार के रूप में फल खाते हैं। बढ़ती मांग के चलते अब फलों के दाम बढ़ गए हैं। विदेशों से सेब और अंगूर का आयात भी किया जा रहा है।
बता दें कि श्रावण महीने में उपवास रखने के कारण बहुत से लोग केवल सब्जियों और फलों पर निर्भर रहते हैं। श्रावण में सब्जियों के बाद फलों की सबसे ज्यादा मांग होती है। इसी मांग को देखते हुए फलों और सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे हैं। इस साल सब्जियां २० फीसदी तक महंगी हुई हैं, जबकि श्रावण महीने में फल २० से २५ प्रतिशत अधिक महंगे हो गए हैं, ऐसा विक्रेताओं का कहना है। फल विक्रेताओं के मुताबिक परिवहन किराए में बढ़ोतरी का असर भी फलों और सब्जियों के दाम पर पड़ा है। सब्जी विक्रेता धीरज गुप्ता ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ी दरों का असर फलों की कीमतों पर पड़ रहा है। वहीं मांग बढ़ जाने से दाम में भी वृद्धि हुई है। अमरूद, मोसंबी, हरे अंगूर, संतरा और चीकू का मौसम नहीं है, इसलिए उन्हें महाराष्ट्र से आयात नहीं किया जा रहा है। विदेशों से आयात किए जाने की वजह से भी दाम में वृद्धि हुई है, जबकि सेब और लाल अंगूर न्यूजीलैंड से आते हैं।
केला हुआ महंगा
केला जलगांव, भुसावल, गुजरात से आता है लेकिन परिवहन किराया बढ़ जाने की वजह से केला भी अब महंगा हो गया है।

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