मुख्यपृष्ठअपराधदोस्ती, प्यार, शारीरिक संबंध ... शादी का सपना और मौत!

दोस्ती, प्यार, शारीरिक संबंध … शादी का सपना और मौत!

• फेसबुकिया प्यार की कहानी का दर्दनाक अंत

नागमणि पांडेय

फेसबुक पर दोस्ती के साथ-साथ लव, सेक्स और धोखे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। धोखेबाज फेसबुक के माध्यम से पहले दोस्ती, फिर प्यार में फंसाने के साथ शारीरिक संबंध स्थापित कर धोखा देने का खेल खेला जा रहा है। कई बार तो हत्या जैसे संगीन अपराध को भी अंजाम दिया जाता है। कुछ ऐसा ही फेसबुकिया दोस्ती, प्यार और संबंध बनाने के बाद हत्या किए जाने का मामला पनवेल में सामने आया है। आरोपी पहले सोशल नेटवर्किंग के जरिए एक युवा लड़की के करीब आया। उससे प्यार का ढोंग रचकर शादी का सपना दिखाया और फिर तीसरी ही मुलाकात में उससे शारीरिक संबंध बना लिए। जब लड़की ने शादी की जिद की तो उसको तड़पाकर मारने के बाद विदेश जाने की तैयारी में जुट गया। आखिरकार नई मुंबई पुलिस ने नोएडा पुलिस की मदद से धोखेबाज हत्यारे प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शाहबाज महमूद कॉलेज की पढ़ाई अधूरी छोड़कर इधर-उधर भटक रहा था। फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से लड़कियों को जाल में फंसाना और उनका शोषण करना उस की आदत बन गई थी। पेशे से फैशन डिजाइनर लुबना महमूद सिद्दीकी और शाहबाज की भी दोस्ती अप्रैल २०१३ में फेसबुक से शुरू हुई थी और जल्द ही शाहबाज ने लुबना को दोस्ती के बाद अपने प्यार में फंसा लिया। इसके बाद शाहबाज तीन बार नोएडा उसके घर तक लुबना से मिलने गया। इस दौरान शाहबाज ने लुबना से झूठ बोला कि वह एक प्रतिष्ठित कंपनी में अधिकारी है। शाहबाज ने लुबना से शादी का वादा किया और उसका भरोसा जीत लिया। शुरू की पहली दो साधारण मुलाकातों के बाद जब शाहबाज तीसरी बार लुबना से मिला, तब उसने शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध स्थापित कर लिया।
एटीएम चुराकर हुआ फरार
शाहबाज ने लुबना की हत्या के बाद उसका एटीएम कार्ड से १३ हजार रुपए निकाले। इन रुपयों से उसने अपने लिए खाना खरीदा, फिर रेलवे का टिकट लेकर मुंबई आ गया। लुबना का एटीएम कार्ड आरोपी ने ट्रेन से ही अजमेर स्टेशन से पहले कहीं फेंक दिया। मुंबई आकर वह सीधे खोपोली गया और वहां की एक लॉज में एक दिन ठहरा। वहां से वह बंगलुरु चला गया, फिर सारे पैसे खत्म होने के बाद वापस पनवेल स्थित अपने घर आ गया। लेकिन शाहबाज को नहीं पता था कि लुबना का एटीएम कार्ड चुराकर पैसे निकालना उसके लिए खतरा साबित होगा। लुबना की हत्या के बाद जब नोएडा पुलिस जांच में जुटी तो पता चला कि लुबना का एटीएम कार्ड गायब है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
इसके बाद नोएडा पुलिस एटीएम कार्ड का डिटेल निकाली तो पता चला कि उस कार्ड से पैसे निकालकर खरीददारी भी की गई थी। आखिरकार पुलिस ने एटीएम से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शाहबाज को पहचान लिया और उसकी तलाश में जुट गई। नोएडा पुलिस ने इसकी जानकारी नई मुंबई पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस आयुक्त अशोक शर्मा के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त एन पुरे के मार्गदर्शन में पनवेल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पाटील की टीम ने शाहबाज की तलाश शुरू कर दी। इस बीच शाहबाज पनवेल वापस आने के बाद देश छोड़कर भाग जाने की तैयारी में था। इसके लिए उसने अंधेरी स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के पास अपना पासपोर्ट भी जमा करा दिया था। इसी बीच पूरे घटनाक्रम की भनक पनवेल पुलिस को लग चुकी थी। वह जैसे ही पनवेल स्थित अपने घर में आया, वहां पहले से घात लगाए बैठी पुलिस की टीम ने उसे धर दबोचा। इसके बाद नई मुंबई ने शाहबाज को गिरफ्तार कर नोएडा पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ मिले सबूतों और के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर उसे कोर्ट से सजा दिलाने में सफल हुई है।

होटल में की हत्या
उस प्लान के अनुसार, शाहबाज लुबना की हत्या करने के लिए नोएडा के लिए निकल गया। शाहबाज ने फिर अपने प्यार और भरोसे की दुहाई देते हुए लुबना से मिलने का अनुरोध किया। इस बार लुबना उसके जाल में फंस गई, पर उसे नहीं पता था कि इसी मुलाकात में वह अपनी जान से हाथ धो बैठेगी। २८ अगस्त  २०१३  को शाहबाज लुबना को लेकर नोएडा स्थित रुबिकॉन होटल में गया। वहां खुद को पति-पत्नी बताते हुए एक कमरा बुक किया। कमरे में पहले वह लुबना से कुछ देर तक बातें करता रहा और रात करीब ११ बजे के बाद शाहबाज ने मौका पाकर उसका मुंह तकिए से दबा दिया। लुबना सांसों के लिए तड़पती रही लेकिन हत्यारे का दिल नहीं पसीजा। उसके दिल की धड़कनें और शरीर की हरकतें बंद होने के बाद भी कुछ सेकंड तक हत्यारा तकिए से उसके मुंह को दबाए रखा।

झूठ की पोल खुल गई
इस बीच जब लुबना ने शाहबाज की नौकरी और अन्य दावों की पुष्टि करनी चाही तो शाहबाज के झूठ एक के बाद एक खुलते चले गए। अपनी पोल खुलने से शहबाज भी परेशान रहने लगा। इस बीच जब लुबना के परिवार वालों को शाहबाज के बेरोजगार होने की खबर लगी तो लुबना और उसके परिजन शाहबाज की उपेक्षा करने लगे। इससे शाहबाज तनाव में आ गया और उसे यह डर भी सताने लगा कि कहीं लुबना उसके झूठे प्यार, शारीरिक शोषण और शादी न करने की शिकायत पुलिस से न कर दे। इस तनाव में शाहबाज ने लुबना को बरगलाने की बहुत कोशिश की लेकिन लुबना ने उसकी एक नहीं सुनी। इसलिए उसने खुद को बचाने के लिए लुबना को ही खत्म करने का प्लान बना डाला।

अन्य समाचार