मुख्यपृष्ठनए समाचार‘इंडिया’ से डरने लगे पीएम, हर जगह भारत शब्द का किया इस्तेमाल

‘इंडिया’ से डरने लगे पीएम, हर जगह भारत शब्द का किया इस्तेमाल

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

इंडिया बनाम एनडीए को लेकर केंद्र की मोदी सरकार अच्छी खासी घबराई हुई है। इसी डर के चलते कल जी-२० में प्रधानमंत्री मोदी हर जगह भारत शब्द का इस्तेमाल करते नजर आए। यहां तक कि बैनर्स और पोस्टर्स पर भी प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया की जगह प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत लिखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विश्व के दिग्गज नेताओं ने कल राज घाट पर महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान भी पीएम मोदी के पुष्पांजलि पर ‘भारत गणराज्य’ लिखा हुआ था, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।
इससे पहले ९ सितंबर को जब पीएम मोदी ने जी-२० सम्मेलन को संबोधित किया तो उनकी टेबल पर रखी कंट्री प्लेट में देश का नाम इंडिया नहीं बल्कि भारत लिखा हुआ था। इससे पहले जब भी प्रधानमंत्री किसी अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करते थे तो उनके टेबल पर रखी कंट्री प्लेट पर देश का नाम इंडिया लिखा होता था। जी-२० शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया। अचानक हर जगह भारत शब्द आ जाने से अंतर्राष्ट्रीय नेताओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस बीच सोशल मीडिया पर भी भाजपा और उसकी मीडिया सेल ने ‘इंडिया’ को विलेन और भारत शब्द को प्रचारित करने का पूरजोर प्रयास किया पर जनता ने सोशल मीडिया पर भी भाजपाइयों को जमकर आड़े हाथों लिया। कल प्रधानमंत्री समेत पूरी भाजपा यह जतलाने का प्रयास करती रही कि उनके लिए भारत शब्द का ही महत्व है। हालांकि, संयुक्त बयानों समेत कई मामलों में वे चाहकर भी इंडिया शब्द का इस्तेमाल करने से नहीं बच पाए। यहां तक कि विदेशी मेहमानों की जुबान पर भी ‘इंडिया’ शब्द ही छाया रहा।
चांदी-सोने की प्लेटें पहली बार देखीं
सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने मुंबई में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए जी-२० शिखर सम्मेलन को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अपने देश में ऐसे सम्मेलनों की मेजबानी करना हमारा कर्तव्य है, लेकिन चांदी और सोने की प्लेटें पहली बार देखी गईं। मुंबई में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए शरद पवार ने इंडिया और भारत से जुड़े विवाद को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘संविधान के पहले वाक्य में भारत या इंडिया के बारे में स्पष्टता है। इंडिया की जगह भारत की मांग करनेवाले मोदी से अगर हम पूछें कि उन्होंने इंडिया के नाम पर कितनी योजनाएं बनाई हैं? शरद पवार ने कहा कि सुबह जब मैं घर आ रहा था तो सामने एयर इंडिया का डायरेक्शनल बोर्ड लगा हुआ था। वहां गेटवे ऑफ इंडिया लिखा हुआ था। अब गेटवे ऑफ इंडिया को क्या कहें?’ शरद पवार ने कहा, ‘महत्वपूर्ण मुद्दों को बिना किसी कारण के भटकाया जा रहा है और गैर-जरूरी मुद्दों को महत्व दिया जा रहा है। यही वर्तमान शासकों का फार्मूला है। इसीलिए भारत-इंडिया का मुद्दा उठाया गया है।’ जी-२० शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए शरद पवार ने कहा, ‘देश में पहले भी दो बार ऐसे सम्मेलन हो चुके हैं।

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