मुख्यपृष्ठग्लैमर‘जिससे मैं कभी उबर नहीं पाऊंगा!’ अंगद बेदी

‘जिससे मैं कभी उबर नहीं पाऊंगा!’ अंगद बेदी

क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी के पुत्र अंगद बेदी एक ऐसे अभिनेता हैं, जो वाकई ऑल राउंडर हैं। कभी पॉजिटिव तो कभी निगेटिव हर तरह का किरदार निभानेवाले अंगद बेदी २०१८ में नेहा धूपिया से विवाह बंधन में बंधे। पिछले दिनों अंगद की फिल्म ‘घूमर’ रिलीज हुई थी। इन दिनों अंगद फिल्म ‘नन्ना’ के कारण चर्चा में हैं। पेश है, अंगद बेदी से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

 क्रिकेटर पिता बिशन सिंह बेदी के साथ आपका रिश्ता कैसा था?

हम इंसानों को ईश्वर ने यह वरदान दिया है कि वक्त के साथ आगे बढ़ते हुए वो अपने दुखों को भूल जाता है। लेकिन पिता का निधन एक ऐसी घटना है, जिससे मैं कभी उबर नहीं पाऊंगा। मैं उन्हें अपना दोस्त, गुरु और मेंटॉर मानता हूं। उनका स्थान कभी कोई नहीं ले सकता। मैं ताउम्र उन्हें मिस करता रहूंगा। वो अभिनेता नहीं थे, लेकिन मुझे बहुत अच्छी टिप्स दिया करते थे। उनके सुझाव मेरे लिए काफी कारगर रहे।

 सेलेब्रिटीज का मानना है कि ओटीटी के लोकप्रिय होने से फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रियता कम हो रही है। क्या इस बात को आप मानते हैं?

इस सवाल का अब क्या जवाब दूं। शाहरुख खान की दोनों फिल्में ‘पठान’ और ‘जवान’ सफल रही, सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर-३’ ने कमाल किया, अब रणबीर कपूर की हालिया रिलीज फिल्म ‘एनिमल’ की सफलता तो हैरतअंगेज है। अब यह स्टेटमेंट कौन कर सकता है कि ओटीटी के कारण फिल्मों की लोकप्रियता घटी है? ओटीटी देखनेवाले फिल्में भी देखते हैं और फिल्मों के साथ ओटीटी भी। अब कोई फासला नहीं रहा।

 साउथ की फिल्म ‘नन्ना’ स्वीकारने की क्या वजह रही?

इस फिल्म के निर्देशक ने मुझे फिल्म ‘पिंक’ और ‘इनसाइड एड्ज’ में देखा था। मेरी परफॉर्मेंस उन्हें अच्छी लगी थी इसलिए उन्होंने मुझसे संपर्क किया।

 मृणाल ठाकुर के साथ आप दूसरी बार फिल्म कर रहे हैं, क्या यह संयोग है?

मृणाल ठाकुर ने अपना करियर टीवी से शुरू किया था। हम दोनों की पहली फिल्म ‘लस्ट स्टोरीज-२’ थी और अब यह फिल्म है। मृणाल ने साउथ की फिल्मों में अपना मुकाम बनाया है। वो वहां की बहुत बड़ी स्टार बन चुकी है। विनम्र होने के साथ ही उसका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का है।

 पंजाबी भाषी होने के नाते पंजाबी फिल्म करने के लिए भी आप उत्सुक होंगे?

यस, व्हाय नॉट! आज सभी कलाकार पैन इंडिया स्टार बनना चाहते हैं। अब भाषा का कोई बंधन नहीं रहा।

 क्या आपको इस बात का मलाल नहीं है कि हैंडसम होने के बावजूद आपको मुख्य हीरो की बजाय निगेटिव किरदार ज्यादा मिले?

यह नहीं कहा जा सकता कि आपका सिलेक्शन किस तरह के जॉनर या किस किरदार के लिए होगा। यह तो हम कलाकारों पर निर्भर करता है कि क्या हम विभिन्न किरदार निभाने की चुनौती स्वीकार कर सकते हैं? अच्छे किरदार फिर चाहे वो पॉजिटिव हो या निगेटिव मुझे निभाने में कोई दिक्कत नहीं है। थोड़ा रोमांस और थोड़ा एक्शन यह कॉम्बिनेशन क्या बुरा है?

 आपकी पत्नी नेहा धूपिया साउथ की फिल्में कर चुकी हैं। क्या उनसे कोई टिप्स मिलती है आपको?

नेहा अच्छी अभिनेत्री है, इसमें कोई दो राय नहीं। वो जो भी किरदार करेगी, उस किरदार का सोना कर देगी। लेकिन मैं और नेहा जब भी घर पर होते हैं हम बच्चों के साथ अपना वक्त गुजारना पसंद करते हैं। हमारी पारिवारिक जिंदगी फिल्मों से अलग है। नेहा ने मुझे कोई टिप्स नहीं दी। इस पीढ़ी के बच्चों की दुनिया बहुत अलग और चैलेंजिंग है, उन पर बहुत ज्यादा ध्यान देना पड़ता है।

 आप दोनों पति-पत्नी अभिनय से जुड़े हैं। कितना आसान है परिवार के साथ तालमेल बिठाना?

क्या हमारे परिवारों में पति-पत्नी दोनों डॉक्टर नहीं होते? दोनों पति-पत्नी वकालत नहीं करते? टीचर के पेशे में पति-पत्नी दोनों टीचर देखे गए हैं। यह तो हर व्यक्ति पर निर्भर करता है कि उस व्यक्ति का जिंदगी को देखने का नजरिया क्या है। अगर सुख पाने के लिए सुख देना आपकी फितरत है तो कोई मुश्किल नहीं होगी। अभिनय के क्षेत्र में शूटिंग के लिए अक्सर आउटडोर जाना पड़ता है, लेकिन पति-पत्नी दोनों एक्टर हैं तो इस मुद्दे पर थोड़ी प्लानिंग की जा सकती है, ताकि बच्चों का ध्यान रखा जा सके।

 क्या आप दोनों पर्दे पर कभी एक साथ दिखाई देंगे?

यह जरूरी नहीं कि जो रियल लाइफ कपल हैं, वे रील लाइफ में भी पति-पत्नी के रूप में एक साथ फिल्म में नजर आएं। अगर किसी निर्माता ने हम दोनों को कास्ट किया तो यह खुशी की बात होगी।

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