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सुलतानपुर में नवयुवती को अगवा कर महीनों तक गैंगरेप! फिर सड़क किनारे अधमरा फेंके फरार हो गए वहशी

विक्रम सिंह / सुलतानपुर

यूपी में महिला सशक्तीकरण व सुरक्षा के तमाम दावों पर सुलतानपुर की सनसनीखेज एवं शर्मनाक वारदात तमाचा है। एक नवयुवती को बहला-फुसला कर युवक पहले अगवा कर ले गया और फिर दिल्ली ले जाकर उसे दिहाड़ी मजदूरी के लिए कमाने में खाने आए अपने दोस्तों के साथ एक कमरे में रहने लगा। जहां पर बंधक बनी युवती से करीब दो माह तक आए दिन गैंगरेप होता रहा। ऐसी हालात से जब युवती निढाल हो गई तो आरोपियों ने गत १७ अगस्त को पुन: सुलतानपुर ले आकर अधमरी स्थिति में उसे उसके घर के नजदीक सड़क के किनारे दिन दहाड़े फेंक कर फरार हो गए। इधर पुलिस ने पीड़िता के पिता की सूचना पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज तो कर ली लेकिन हाथ पर हाथ धरे बैठी आरोपियों के वापस आने का इंतजार ही करती रही। हद तो तब हो गई जब दस दिन पूर्व पीड़िता को आरोपी अधमरी हालत में सरेआम सड़क किनारे फेंक कर चले गए फिर भी चैतन्य न हुई पुलिस। महज मेडिकल परीक्षण कराकर पीड़िता को परिजनों के हवाले कर दिया। दस दिन बीत चुके हैं युवती का न कलमबंद बयान हुआ और न ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए ही पुलिस सार्थक कदम उठा सकी है, जिससे पुलिस तंत्र भी सवाल के घेरे में आ गया है।
वाकया कुशनगरी के गोसार्इंगंज थानांतर्गत सड़क किनारे बसे एक गांव का है। फेरी लगाकर ठेले पर फल बेचनेवाले एक ग्रामीण की बेटी पर दूर-दराज के एक रिश्तेदार की कुदृष्टि पड़ गई और उसी ने विवाह का झांसा देकर युवती को साजिशन अपने जाल में फंसाकर गत ९ जून को अगवा कर ले गया जिसकी एफआईआर गोसार्इंगंज थाने में कोतवाल संदीप राय ने दर्ज कर द्वारिकागंज चौकी के प्रभारी बबलू जायसवाल को विवेचना का जिम्मा सौंपा लेकिन वे नामजद अपहर्ताओं को तलाश करने की बजाय चुपचाप बैठ गए। इधर अगवा बेटी के लिए बिलखता पिता कारोबार छोड़ अफसरों की चौखट पर कार्रवाई की उम्मीद में हाजिरी लगाता रहा। फिर भी नतीजा सिफर रहा। गत १७ अगस्त को अधमरी हालत जब सड़क किनारे मिली लड़की का उसने इलाज कराया। युवती ने भी आमजनों की मौजूदगी में जब अपनी दास्तान बताई तो लोग कांप उठे। युवती ने अपनी मां से बताया कि, दिल्ली ले जाकर आरोपी रोजाना गैंगरेप करते रहे। पुलिस ने इस बयान को भी नोट करने के बाद चुप्पी साध रखी। युवती का मेडिकल कराकर मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान तक नहीं कराया है। पीड़ित पिता ने अब जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान से कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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