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शुगर और स्टार्च पर कंट्रोल जरूरी!… गायत्री जोशी की सदाबहार फिटनेस का मंत्र

एस.पी. यादव।  मॉडल-अभिनेत्री गायत्री जोशी का जन्म २० मार्च, १९७७ को नागपुर में एक मराठी परिवार में हुआ। २००४ में शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘स्वदेस’ से बॉलीवुड में डेब्यू करनेवाली गायत्री जोशी ने २००५ में मशहूर कारोबारी विकास ओबेरॉय से विवाह करने के बाद अपने घर-परिवार को पूरा समय देने के लिए बॉलीवुड को अलविदा कह दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस टिप्स को लेकर वे अक्सर सुर्खियां बटोरती रहती हैं। फिटनेस फ्रीक गायत्री का मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए शुगर और स्टार्च का सेवन सीमित करना बेहद जरूरी है।

गायत्री जोशी ने नागपुर के माउंट कार्मेल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। बाद में उनका परिवार नागपुर से मुंबई आ गया। तब उन्होंने दादर के जे.बी. वछा हाईस्कूल से पढ़ाई की और बाद में सिडनम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से बी.कॉम किया। सिडनम कॉलेज में पढ़ाई करने के दौरान ही १९९६ में उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी और पॉन्ड्स, गोदरेज, सनसिल्क, एलजी, ह्युंदाई, फिलिप्स जैसे बड़े ब्रांडों के लिए मॉडलिंग की। उन्होंने १९९९ में ‘फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता’ में हिस्सा लिया और टॉप फाइव प्रतियोगियों में से एक रहीं। वर्ष २००० में जापान में आयोजित ‘मिस इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट’ में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। २००४ में फिल्म ‘स्वदेस’ में उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया और सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री के चार-चार पुरस्कार (स्टार स्क्रीन अवॉर्ड, ग्लोबल इंडियन फिल्म अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड आदि) पाने के बाद भी अपने परिवार को पूरा समय देने के लिए बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।
सप्ताह में तीन-चार बार जिम
अपने घर-परिवार में व्यस्त रहनेवाली गायत्री जोशी अधिकतर योग-अभ्यास और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करती हैं। वे सप्ताह में तीन-चार बार जिम जाती हैं, जहां सबसे पहले वार्मअप एक्सरसाइज करती हैं, ताकि शरीर व्यायाम करने के लिए तैयार हो सके। इसके बाद वेट लिफ्टिंग और फिर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करती हैं। उनका कहना है कि वेट लिफ्टिंग से काफी वैâलोरी बर्न होती है।
नियमित व्यायाम की आदत डालें
गायत्री जोशी का कहना है कि यदि किसी को वेट लिफ्टिंग में असुविधा होती है, तो हल्की-फुल्की कार्डियो एक्सरसाइज, रनिंग, स्विमिंग करना चाहिए। कुछ नहीं तो पैदल ही चलना चाहिए, लेकिन इसे नियमित करना चाहिए। उनकी सलाह है कि हर व्यक्ति के शरीर की क्षमता और बनावट अलग-अलग होती है, ऐसे में फिटनेस ट्रेनर की सलाह से एक्सरसाइज करने पर ज्यादा लाभ मिलता है।
डाइट से करें वजन नियंत्रित
गायत्री जोशी का कहना है कि डाइट के सहारे भी वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। शुगर और स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट्स) की खुराक को नियंत्रित कर ऐसा किया जा सकता है। दरअसल, शुगर और स्टार्च शरीर में इंसुलिन के रिसाव को प्रोत्साहित करते हैं। चूंकि इंसुलिन शरीर में पैâट इकट्ठा करने में मददगार हार्मोन है। इसलिए समय रहते शुगर और स्टार्च के सेवन पर नियंत्रण नहीं लाया जाता है, तो शरीर में पैâट बढ़ने लगता है। जब इंसुलिन कम हो जाता है, तो शरीर पैâट को जलाने लगता है। इंसुलिन कम होने का एक लाभ यह भी है कि हमारी किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी को बाहर निकाल देती है।
साधारण और सुपाच्य भोजन से लगाव
गायत्री जोशी को महाराष्ट्र और पंजाब के पारंपरिक भोजन से लगाव है। वे नाश्ते में ओट्स, ताजे फलों का रस, दूध आदि लेना पसंद करती हैं। लंच और डिनर में रोटी, दाल, सब्जी, ब्राउन राइस होता है। रात में चावल खाने से परहेज करती हैं। उन्हें पनीर-पालक बेहद पसंद है। उनका कहना है कि स्वस्थ शरीर के लिए पाचन-तंत्र को स्वस्थ रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि पाचन क्षमता प्रभावित होगी तो शरीर पर इसका विपरीत परिणाम होगा। बकौल गायत्री, ‘हम जो भी खाना खाते हैं उसमें प्रोटीन, पैâट और लो-कार्बोहाइड्रेट्स वाली सब्जियों का शुमार होना चाहिए। इस तरह का भोजन करने से कार्बोहाइड्रेट की खुराक सीमित रहती है। हमें प्रतिदिन भोजन के जरिए २०-२५ ग्राम से अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन नहीं करना चाहिए।’

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