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जेजे में जेनेरिक! …चिकित्सक लिखेंगे केवल जेनेरिक दवाएं

अस्पताल प्रशासन ने जारी किया परिपत्र
मरीजों की होगी आर्थिक बचत

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के भायखला स्थित जेजे अस्पताल में चिकित्सक अब इलाज के लिए आनेवाले मरीजों को केवल जेनेरिक मेडिसिन ही लिखेंगे। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से परिपत्र भी जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में बहुत सस्ती होती हैं। ऐसे में गरीब मरीजों को इससे काफी राहत मिलेगीr।
गौरतलब है कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान निदेशालय के तहत महाराष्ट्र में पहले ही १८ मेडिकल व डेंटल कॉलेजों और अस्पतालों में जेनेरिक दवा की दुकानें शुरू करने का निर्णय लिया गया है। ये केंद्र सरकार की जेनेरिक मेडिसिन योजना के तहत शहरी स्थानीय स्व-सरकारी संगठनों के माध्यम से खुलेंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस पैâसले से ग्रामीण अस्पतालों में जेनेरिक दवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा हर छह महीने में जेनेरिक दवा केंद्रों के कामकाज की समीक्षा के लिए एक तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा, जो अपनी रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजेगा। इसलिए विभाग ने नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग को-ऑपरेटिव ऑफ इंडिया (एनएसीओएफ) को राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में जेनेरिक दवा दुकानें स्थापित करने की अनुमति दी है।
कीमत में ७० फीसदी अंतर
ब्रांडेड दवाएं महंगी हैं, जबकि जेनेरिक दवाएं बहुत कम कीमत पर ही प्राप्त की जा सकती हैं। आमतौर पर ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं के बीच कीमत का अंतर ७० फीसदी तक हो सकता है। इस तरह जेनेरिक दवाएं खर्च को काफी कम कर सकती हैं।
मरीजों को किया जा रहा जागरूक
जेजे अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय सुरासे ने कहा कि वर्तमान में हमने ऐसी दुकानें खोली हैं, जो जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराती हैं। इसे लेकर मरीजों में जागरूकता भी पैâलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल, जेनेरिक दवाओं के संबंध में एक परिपत्र भी अस्पताल के सभी डॉक्टरों को मुहैया कराया गया है।

जेनेरिक केंद्रों के लिए हुआ करार
जेनेरिक दवा केंद्र शुरू करने के लिए एनएसीओएफ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत गोंदिया, संभाजीनगर, नागपुर, मिरज, चंद्रपुर, जलगांव, लातूर, अकोला, यवतमाल, सतारा, धाराशिव, नंदुरबार, सिंधुदुर्ग, अलीबाग जिलों के मेडिकल कॉलेजों में दवा की दुकानें शुरू होंगी। इससे राज्य के आम लोगों को अब अस्पतालों में ही सस्ती दरों पर दवा लेने की सुविधा मिलेगी। विदित हो कि हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन की एडवाइजरी जारी कर डॉक्टरों से कहा है कि वे केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखें। हालांकि, इस पैâसले का डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्वागत नहीं किया है।

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