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अजीत पवार का कराओ नार्को टेस्ट! …वे बोल रहे हैं सरासर झूठ …अंजलि दमानिया का दावा

सामना संवाददाता / मुंबई
पुणे के कल्याणीनगर में पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले में अब सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने बड़ा दावा किया है। अंजलि दमानिया ने सीधे तौर पर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को किए गए फोन कॉल से अजीत पवार मुश्किल में पड़ सकते हैं।
पुणे में पोर्शे कार दुर्घटना मामले में अंजलि दमानिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया है कि अजीत पवार ने आरोपी बिल्डर के बेटे को बचाने के लिए कमिश्नर को फोन किया था।
अंजलि दमानिया ने कहा कि अजीत पवार ने प्रेस कॉन्प्रâेंस की थी। पत्रकार परिष्द में अजीत पवार बहुत अलग दिख रहे थे। उन्हें पुणे के मुद्दे पर सीधे बात करनी चाहिए थी। लेकिन वे इधर-उधर की बातें करते रहे। उनके बोलने का तरीका हम सभी ने देखा। उनकी बॉडी लैंग्वेज गाली जैसी थी, वे झूठ बोल रहे थे। मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर देने में उन्हें चार दिन क्यों लग गए? वे सरासर झूठ बोल रहे थे। उनका नार्को टेस्ट होना चाहिए। अंजलि दमानिया ने मांग की कि उनके फोन की पूरी जांच होनी चाहिए और पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुणे जिला पालक मंत्री के नियंत्रण में है। अगर हमें पुणे से पत्थर और मिट्टी भी खरीदनी हो तो हमें एनसीपी कार्यकर्ताओं से लेनी होगी। ससून अस्पताल हो या पुलिस स्टेशन हर जगह पर अजीत पवार के करीबी हैं। इस वजह से अजीत पवार का फोन जब्त कर लिया जाना चाहिए, ऐसा अंजलि दमानिया ने कहा।
अजीत पवार के अलावा दादा गुट के विधायक सुनील टिंगरे पर आरोप है कि वे १९ मई को नाबालिग की गिरफ्तारी के बाद सुबह ३ बजे यरवडा पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस पर दबाव डाला कि वह नाबालिग के मामले में नरम रुख अपनाए। टिंगरे ने भी पुलिस स्टेशन जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन उन्होंने अजीत का ही रुख अपनाया कि उन्होंने यरवदा पुलिस से बिना किसी दबाव के जांच करने को कहा था।
मंत्री भी घेरे में
इस बीच, पुणे के कांग्रेस विधायक रवींद्र धांगेकर ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जो एनसीपी के अजित गुट से हैं, ससून अस्पताल में डॉ. अजय तावरे की फिर से नियुक्ति के पीछे हैं। तावरे उन दो डॉक्टरों में से एक हैं जिन्हें पुणे पुलिस ने नाबालिग के खून का नमूना बदलने के आरोप में गिरफ्तार किया है। संयोगवश, यह टिंगरे ही थे जिन्होंने मुश्रीफ को पत्र लिखकर ससून अस्पताल में तवारे को पुन: नियुक्त करने की मांग की थी जबकि तावरे पहले भी कई आरोपों की जांच के दायरे में आ हैं।

 

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