मुख्यपृष्ठनए समाचार‘घाती' सरकार ने लादा एक और ऐप का भार... काम के बोझ...

‘घाती’ सरकार ने लादा एक और ऐप का भार… काम के बोझ से शिक्षकों का टूट रहा मनोबल!

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की ‘घाती’ सरकार के राज में शिक्षकों के लिए एक के बाद एक तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब शिक्षकों पर एक और ऐप का भार लाद दिया गया है। इसके तहत अब शिक्षकों को छात्रों की ऑनलाइन अटेंडेंस लगानी पड़ेगी। सरकार की इस नीति से शिक्षकों पर काम का बोझ बढ़ रहा है और उनका मनोबल भी टूटने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षकों को कक्षा पहली से १०वीं तक के छात्रों की उपस्थिति अब ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं, निजी सहायता प्राप्त और आंशिक रूप से सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली से १०वीं तक के छात्रों की उपस्थिति स्विफ्ट चैट एप्लिकेशन में उपस्थिति बॉट के माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया एक दिसंबर २०२३ से शुरू की जा रही है। घाती सरकार के फरमान में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सूचना संग्रहण और विश्लेषण प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ ही उसे आसान बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा सभी स्तरों पर नीतिकर्ताओं, शिक्षकों और सभी स्तरों के प्रशासकों सहित विभिन्न हितधारकों को डेटा विश्लेषण के लिए एकीकृत मंच प्रदान करना और राज्य, जिला व तालुका स्तरों पर जरूरतों के आधार पर गतिविधियों और योजनाओं की योजना बनाने में मदद की जानी चाहिए। इसलिए महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद के मुंबई के अंतर्गत समग्र शिक्षा उप कार्यालय, पुणे में विद्या समीक्षा केंद्र कार्यान्वित किया गया है।
शिक्षकों को पहले ही दिया जा चुका है प्रशिक्षण
पुणे के विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से अटेंडेंस बॉट (चैटबॉट) के उपयोग के संबंध में विभाग, तालुका और केंद्रीय स्तर तक के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है। इसके तहत स्विफ्ट चैट एप्लिकेशन में अटेंडेंस बॉट के माध्यम से स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं, निजी सहायता प्राप्त और आंशिक रूप से सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा १ से कक्षा १० तक के छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू की जाएगी। इस अटेंडेंस बॉट (चैटबॉट) पर छात्रों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने के लिए प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षकों पर एक और ऐप का लोड
राज्य में शिक्षक पहले से ही गैर-शैक्षणिक और विभिन्न ऐप्स का उपयोग करके तंग आ चुके हैं, जिससे उनके पास छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के लिए समय नहीं बचता है। अब अटेंडेंस बॉट नामक एक और एप्लिकेशन का लोड उन पर आने वाला है।
सभी उप शिक्षा निदेशकों, शिक्षा अधिकारियों को पत्र
सभी मुख्याध्यपकों और शिक्षकों को इस अटेंडेंस बॉट (चैटबॉट) पर छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का आदेश देने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में समग्र शिक्षा महाराष्ट्र शिक्षा परिषद मुंबई के राज्य परियोजना निदेशक द्वारा तीन नवंबर को सभी उप शिक्षा निदेशकों, सभी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षाधिकारियों, नपा, मनपा प्रशासन अधिकारियों, शिक्षा निरीक्षकों को एक पत्र जारी किया गया है।

अन्य समाचार