मुख्यपृष्ठसमाचार`घाती' तेरे राज में मर रहे मरीज, इलाज के अभाव में!

`घाती’ तेरे राज में मर रहे मरीज, इलाज के अभाव में!

-वर्ली के पोद्दार अस्पताल में नहीं मिल रहा प्राथमिक इलाज

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

`घाती’ सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अक्सर मुंबई के अस्पतालों में जाकर दुनियाभर की घोषणाएं करते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन इन घोषणाओं से नजर हटाएं तो जमीनी स्तर कुछ अलग ही बयां कर रही हैं। मुंबई जैसे शहर में ये हालात बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। पोद्दार अस्पताल वर्ली और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के मामले में महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन आपातकालीन स्थिति में इस अस्पताल में आनेवाले मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाएं तो दूर गहन चिकित्सा इकाई में प्राथमिक इलाज तक नहीं मिल पाता है। यह बात सामने आई है कि गंभीर हालत में दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाने के कारण कई मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। आलम यह है कि `घाती’ सरकार के राज में मुंबई के अस्पताल वाकई राम भरोसे ही चल रहे हैं।
बता दें कि पोद्दार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना १९३७ में आनंदी लाल पोद्दार द्वारा नागरिकों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं कोसों दूर हैं। साथ ही जो व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, वे भी ठीक से काम नहीं कर रही हैं। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक या दुर्घटना के कारण गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता है। यहां से कई रोगियों को इलाज के लिए केईएम, नायर और जे.जे. में रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में केईएम, नायर या जे.जे. अस्पतालों में ले जाते समय ट्रैफिक जाम के कारण गंभीर रूप से बीमार रोगियों की बीच रास्ते में ही जान जा चुकी है। पोद्दार अस्पताल का दुर्घटना विभाग और आपातकालीन उपचार विभाग पहले पूरी क्षमता से चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा था। इससे कई जटिल सर्जरी और गंभीर मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। हालांकि, पिछले १० वर्षों से ये सुविधाएं धीरे-धीरे बंद हो गई हैं। इसके कारण वर्ली की बीडीडी चाल, झोपड़पट्टियों, मजदूर कॉलोनियों, छोटी-बड़ी चालियों के लाखों निवासियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर समस्या पैदा हो रही है।
`घाती’ सरकार की ओर से उपेक्षा
`घाती’ सरकार की तरफ से उपेक्षा की जा रही है। ऐसे में सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए शांति वैभव बुद्ध विहार, नवतरुण क्रीडा मंडल और माता रमाई प्रेरणा महिला मंडल के माध्यम से पोद्दार अस्पताल में अत्यावश्यक व गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जन जागरूकता, मोर्चा, प्रदर्शन हस्ताक्षर अभियान, मौन पदयात्रा आदि का सहारा लिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद घाती सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।
इसलिए नहीं है गहन चिकित्सा इकाई
अस्पताल के डीन वैद्य संपदा संत के अनुसार, यहां एक दुर्घटना विभाग है। लेकिन यह एक आयुष अस्पताल है, इसलिए यहां कोई गहन चिकित्सा इकाई नहीं है। स्थानीय लोगों की मांग के अनुसार अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सा शिक्षा मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से गहन चिकित्सा इकाई शुरू करने के साथ-साथ आवश्यक मानवबल और उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ने बैठक बुलाकर एक कमेटी का गठन किया है।

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