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मुंबई के फेफड़े को नष्ट कर रही है ‘घाती’ सरकार! … १५४ आर्किटेक्टों ने ‘घाती’ सीएम को लिखा पत्र

महालक्ष्मी रेसकोर्स के ‘भूखंड लूट’ का मामला
सामना संवाददाता / मुंबई
दक्षिण मुंबई स्थित महालक्ष्मी रेसकोर्स में १०० वर्षों से भी अधिक समय से घोड़ों की रेस होती है। २२७ एकड़ में पैâला यह रेसकोर्स शहर का सबसे बड़ा खुला क्षेत्र है। अब राज्य सरकार इसे विकसित करने के नाम पर इसकी जमीन बिल्डरों की झोली में डालने की योजना बना रही है, जिसका जमकर विरोध हो रहा है। शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने इसका कड़ा विरोध किया है। अब दक्षिण मुंबई के आर्किटेक्टों की संस्था भी इसके खिलाफ हो गई है। मुंबई आर्किटेक्ट्स कलेक्टिव के बैनर तले कई आर्किटेक्टों ने महालक्ष्मी रेसकोर्स में पार्क बनाने का विरोध किया है। इस संदर्भ में १५४ आर्किटेक्टों ने ‘घाती’ सरकार के सीएम एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर अपना मत रखा है।
बता दें कि मनपा ने रॉयल वेस्टर्न इंडिया टर्फ क्लब (आरडब्ल्यूआईटीसी) को २२७ एकड़ जमीन पट्टे पर दी थी, जिसकी मियाद खत्म हो गई है। मनपा ने उसकी मियाद नहीं बढ़ाई है। राज्य सरकार के निर्देश पर मनपा यहां १२० एकड़ पर पार्क बनाने की योजना बना रही है। आर्किटेक्ट लोगों ने आरोप लगाया कि मनपा मनोरंजन पार्क विकसित करने के लिए दबाव बनाकर आरडब्ल्यूआईटीसी को यहां से हटाना चाहती है और १२० एकड़ जमीन छोड़ने के लिए मजबूर कर रही है, ताकि यह भूखंड विकास के नाम पर बिल्डरों को दिया जा सके। दक्षिण मुंबई के लोगों ने सरकार की इस योजना का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लिए आखिरी खुले फेफड़े जैसे इस खुले मैदान का विनाश करने की योजना सरकार ने बनाई है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं।
कलेक्टिव ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि यहां सामान्य पार्क की आवश्यकता है, जहां लोगों को आराम करने, व्यायाम करने और प्रकृति के साथ बातचीत करने के लिए जगह मिले। ऐसे पार्क समुदाय की भावना को भी बढ़ावा देते हैं, लेकिन सरकार कुछ और ही करना चाहती है। इसके तहत आरडब्ल्यूआईटीसी की प्रबंध समिति ने गुरुवार आगामी १८ जनवरी की शाम ५.०० बजे एक खुली बैठक बुलाई है। सदस्यों ने कहा कि हम लोग मनपा आयुक्त आई.एस. चहल के सवालों का जवाब देंगे। नाम न छापने की शर्त पर एक सदस्य ने कहा कि समिति पर काफी दबाव है, लेकिन मनपा के दबाव के आगे समिति को नहीं झुकना चाहिए। इस लड़ाई में शमिल एमेच्योर राइडर्स क्लब (एआरसी) ने न्याय नहीं मिलने पर मुंबई हाई कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। एआरसी कई दशकों से रेसकोर्स का एक अभिन्न अंग रहा है।

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