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घाती सरकार का फरमान काम करो, वेतन पाओ!

सामना संवाददाता / मुंबई

३८ हजार स्कूलों के लाखों शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन

महाराष्ट्र के ३८ हजार स्कूलों में शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा। घाती सरकार के महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद के परियोजना निदेशक की ओर से शिक्षा अधिकारियों को बाकायदा फरमान जारी करते हुए आदेश दिए गए हैं। शैक्षिक योजनाओं के बजट के लिए यू-डाइस प्लस पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, स्कूल यह जानकारी देने से बच रहे हैं।

यू-डाइस प्लस पोर्टल पर सत्र २०२३-२४ की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ३१ अक्टूबर की अंतिम तिथि दी गई थी, जिसे एक माह बाद भी ३८ हजार स्कूलों ने नजरअंदाज किया। शिक्षा परिषद ने आदेश दिया है कि जिन स्कूलों में भौतिक सुविधाओं की जानकारी अपडेट नहीं की गई है, उन स्कूलों के शिक्षकों को नवंबर का वेतन नहीं दिया जाए। घाती सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ३० नवंबर तक यू-डायस नहीं कराने पर संबंधित विद्यालयों का वेतन बंद कर दिया जाएगा।

…तो स्कूल के संचालकों पर होगी कड़ी कार्रवाई

शैक्षिक योजनाओं के बजट निर्धारण के लिए केवल ‘यू-डाइस’ की जानकारी पर विचार किया जाता है। हालांकि, स्कूल यह जानकारी देने से बच रहे हैं। इसलिए ऐसे ३८,७३५ स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। यू-डाइस प्लस पोर्टल पर सत्र २०२३-२४ की जानकारी उपलब्ध कराने का काम सितंबर माह में ही शुरू कर दिया गया था। उसके लिए ३१ अक्टूबर की डेडलाइन दी गई थी। इस प्रक्रिया को पूरा न कर पानेवाले स्कूलों के शिक्षकों को जब तक यू-डाइस पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तब तक नवंबर माह का वेतन नहीं दिया जाए।

इन योजनाओं पर पड़ेगा असर

जिन स्कूलों ने भौतिक सुविधाओं और शिक्षकों की जानकारी यू-डाइस पर उपलब्ध नहीं कराई है। परिषद ने ऐसे स्कूलों का वेतन रोकने का आदेश देते हुए शिक्षकों को आखिरी मौका भी दिया है। समग्र शिक्षा अभियान, स्टार्स प्रोजेक्ट और पीएम श्री योजनाओं का वार्षिक बजट तैयार करने में दिक्कतें आ रही हैं। अगर स्कूल यू-डाइस प्लस पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे तो न सिर्फ स्कूलों को नुकसान होगा, बल्कि केंद्र सरकार से मिलनेवाली विभिन्न योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। पोर्टल पर स्कूलों और विद्यार्थियों की संख्या कम होने से आनेवाले फंड पर भी असर पड़ेगा।

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