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ट्रैवलर के जरिए उत्तर प्रदेश में सोने की तस्करी …जांच एजेंसियों की रडार पर ७६ सराफा कारोबारी

मंगलेश्वर त्रिपाठी / जौनपुर
सरकार के बढ़ते शिकंजे के साथ-साथ तस्करी के तरीके में भी लगातार बदलाव हो रहा है। सरकार एक तरफ जहां जीएसटी चोरी करनेवालों पर लगातार शिकंजे कस रही है, वहीं दूसरी तरफ सोने की तस्करी का रैकेट मजबूत हो रहा है। सराफा कारोबारी अपने कैरियर’ (तस्करी की भाषा में ट्रैवलर) के जरिए प्रदेश में तस्करी का सोना ला रहे हैं। इसमें सबसे ‘बदनाम’ लेकिन ‘महफूज’ रूट कोलकाता, मिर्जापुर-मुगलसराय का इस्तेमाल हो रहा है, जिसके जरिए पूर्वांचल में धड़ल्ले से फल-फूल रहा है यह अवैध कारोबार।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, हर महीने २५० किलो से ज्यादा सोना ‘बदनाम’ रूट से आ रहा है। इसके अतिरिक्त करीब ३०० किलो सोना अन्य रास्तों से पहुंच रहा है। इस खेल में कई सफेदपोश सराफा कारोबारियों की भूमिका सामने आई है। उत्तर प्रदेश के लगभग ७६ कारोबारी जांच एजेंसी के रडार पर हैं। इनमें से सबसे ज्यादा कानपुर, लखनऊ व गाजियाबाद सहित पूर्वांचल के भी कारोबारी शामिल हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पहले सबसे जिस तस्करी का ज्यादा सोना नेपाल के रास्ते आता था। अब इसका बड़ा हिस्सा चीन से म्यांमार में प्रवेश करता है। इसके बाद मांडले-कलेवा मार्ग से भारत-म्यांमार सीमा पर लाया जाता है। मणिपुर, मिजोरम व नागालैंड के दुर्गम इलाकों से यह सोना भारत पहुंचता है और फिर सड़क मार्ग से उसका एक हिस्सा यूपी पहुंच रहा है। दूसरा स्रोत दुबई है। वहां से मुंबई व गुजरात के रास्ते यूपी पहुंचाया जाता है। तीसरा स्रोत बांग्लादेश है। वहां से कोलकाता के रास्ते तस्करी का सोना आ रहा है। तीसरे रूट को तस्कर सबसे ‘सेफ पैसेज’ मानते हैं। इसमें ट्रेन व सड़क दोनों मार्गों का इस्तेमाल होता है। इसी रूट से कारोबारी के ‘ट्रैवलर’ कानपुर, लखनऊ व गाजियाबाद में ८० फीसदी सोना खपा रहे हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, सोने पर आयात शुल्क, सेस व जीएसटी मिलाकर लगभग १७ फीसदी टैैक्स है। एक किलो सोना करीब ६२ लाख रुपए का है। इस पर टैक्स करीब १० लाख रुपए है। एक किलो सोने की तस्करी में तस्कर से व्यापारी तक सोना पहुंचाने वाले ‘ट्रैवलर’ और अन्य बंटवारे के बाद भी मंगाने वाले को छह लाख रुपए की बचत हो रही है, जबकि पहले चार लाख रुपए प्रति किलो की बचत होती थी। पिछले दिनों राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरई) मुंबई की सूचना पर इंदौर से ‘जैन’ नाम के ट्रैवलर को पकड़ा गया था। वह मूलरूप से बांदा का निकला। पूछताछ में उसने उगला कि वह सोने की सप्लाई लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद में कर रहा था। उसने कानपुर के चार, लखनऊ के तीन व गाजियाबाद के चार कारोबारियों के नाम खोले हैं। हाल ही में इन शहरों में छापेमारी व गिरफ्तारी को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।

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