मुख्यपृष्ठखबरेंराज्य सरकार की स्वर्णिम सोच... रोगमुक्त होंगे लोग!

राज्य सरकार की स्वर्णिम सोच… रोगमुक्त होंगे लोग!

अब जांच का जिम्मा संभालेंगी निजी कंपनियां

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य सरकार द्वारा अपने स्वर्णिम सोच के तहत महाराष्ट्र के कई सरकारी अस्पतालों में मरीजों को शानदार स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आनेवाले दिनों में जांच का जिम्मा निजी कंपनियां संभालेंगी। सरकार की इस सोच के चलते मरीजों का न केवल समय पर जांच करना संभव होगा, बल्कि रोगों का जल्दी निदान होने के बाद उससे मुक्ति दिलाने में भी आसानी होगी। मतलब लोग रोगमुक्त होंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस सेवा को निजी कंपनियों के हाथ में सौंपने का फैसला किया था। वहीं अब राज्य के ठाणे, नासिक और नागपुर परिमंडल में स्थित २२ जिला और ३२ उपजिला अस्पतालों में एमआरआई और सिटी स्कैन सेवा शुरू की जाएगी। इसे लेकर राज्य सरकार ने टेंडर प्रक्रिया पर अपनी सहमति जता दी है और शासनादेश भी जारी किया जा चुका है। अनुमान है कि जल्द आपूर्तिकर्ता निजी कंपनी की नियुक्ति कर दी जाएगी।

१४ जनवरी को हुई थी बैठक

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के निदेशक की अध्यक्षता में निविदा प्रक्रिया को लेकर १४ जनवरी को समिति की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में ३१ सरकारी अस्पतालों में पुरानी सीटी स्कैन मशीनों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया था। वहीं इसके लिए मशीन खरीद प्रक्रिया केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। आपूर्तिकर्ता के साथ सात साल के लिए बाहरी सेवा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। समझौता के दौरान एक भी मरीज से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित आपूर्तिकर्ता का अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा।

यहां उपलब्ध कराई जाएंगी सेवाएं

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एमआरआई की सेवाएं ठाणे, अलीबाग, औंध-पुणे, सातारा, रत्नागिरी के साथ ही २२ जिला अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इनमें ठाणे परिक्षेत्र में पांच, नासिक में १९ और नागपुर में छह अस्पतालों का समावेश है। इसी तरह ठाणे परिक्षेत्र में १३, नासिक में २२ और नागपुर में सात सहित कुल ३२ उपजिला अस्पतालों में सिटी स्वैâन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

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