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गोरेगांव अग्नितांडव : नींद में ही उजड़ गया आशियाना अंधेरी रात में गूंजी चीखें!

जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग
भागते हुए दरवाजे पीटकर पड़ोसियों को जगाया

रामदिनेश यादव / मुंबई
पिछले दो महीनों से महानगर मुंबई में आग की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। आए दिन कोई न कोई आग की बड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। शुक्रवार को भी गोरेगांव स्थित आजाद नगर में दिल दहला देनेवाली घटना हुई। आजाद नगर के समर्थ नामक ७ मंजिला इमारत में तड़के सुबह ३ बजे के करीब भीषण आग लग गई। अंधेरी रात में भयानक मंजर को देख लोग जान बचाने के लिए भागने लगे, कई लोग चीखते हुए खिड़कियों से कूदने लगे।
इमारत के पार्किंग में लगी इस आग ने धीरे-धीरे भीषण रूप ले लिया, जिसकी चपेट में आने से ८ लोगों की मौत हो गई, जबकि ४६ लोग बुरी तरह से झुलस गए हैं। घायलों में भी ४ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। नजदीकी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस बीच सरकार ने गोरेगांव अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को ५ लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की है। इस घटना ने मुंबई की अग्नि सुरक्षा के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है।
कैसे हुई घटना?
स्थानीय समीर शेख की मानें तो इमारत की पार्किंग में काफी पुराने कपड़े, भंगार, बोरे व प्लास्टिक के गट्ठर के साथ वायर रखे गए थे। किसी वजह से यहां सुबह लगभग ढाई से तीन बजे के बीच आग लगी, उस समय तो लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग लगने के कुछ समय बाद जब उसकी लपटें बढ़ीं और कुछ गाड़ियों को चपेट में ले लिया, तब लोगों ने चीख-पुकार मचाना शुरू किया। पुराने कपड़े और बोरे में लगी आग इतनी भयानक थी कि देखते-देखते पूरे पार्किंग और इमारत की पहली और दूसरी मंजिल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
अस्पताल में इलाज शुरू
झुलसनेवालों को दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एचबीटी (हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे) अस्पताल में लाए गए झुलसे लोगों में से ६ की मौत हो गई है, जिनमें पांच महिलाएं, दो बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। २५ लोगों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें १२ पुरुष और १३ महिलाएं शामिल हैं। वहीं कूपर अस्पताल में १५ लोग भर्ती हैं, जिनमें ६ पुरुष और ९ महिलाएं शामिल हैं। हालांकि, आग लगने की वजह क्या है, इसकी जांच पुलिस और फायर ब्रिगेड कर रही हैं।

…पर सो रहे लोगों को जगाना जरूरी था
मीडिया से बात करते हुए एक ३० वर्षीय महिला ने बताया कि उसे और उनके परिवारवालों को दमकल दल ने बचाया है, लेकिन एक घंटे पहले तक सब-कुछ अंधेरा और डरावना था। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों में फंस गए थे और ठीक से सांस भी नहीं ले पा रहे थे। महिला ने कहा, ‘मुझे किडनी की बीमारी है, जिस वजह से परिवारवाले मुझे लेकर ज्यादा परेशान थे।’ उन्होंने आगे बताया कि दमकल अधिकारियों द्वारा बचाए गए लोगों में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो काफी ज्यादा डरे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि वे करीबन ३० लोगों को बचा चुके हैं। एक अन्य महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘आग रात के करीब २:३० बजे ग्राउंड फ्लोर पर उस समय लगी, जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जैसे ही आग इमारत में लगी तो लोगों ने महसूस किया कि वे अब खतरे में हैं।’

खाक हुईं ४ कारें और ३५ बाइकें
यहां इमारत की पार्विंâग में पार्क की गर्इं ४ कार और ३५ से अधिक बाइकें पूरी तरह जलकर खाक हो गई है। फायर ब्रिगेड की १० से अधिक गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग को पूरी तरह से बुझाने का काम शुरू है। इस घटना में ८ लोगों के मरने की खबर है। कुल ४६ लोग इस हादसे में झुलस गए हैं।

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