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शिंदे गुट के पक्ष में फैसला देने का मिला इनाम… ‘दलबदल कानून समिति’ के अध्यक्ष पद पर नार्वेकर की ताजपोशी!

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में दल-बदल कानून को दरकिनार करनेवाले और शिंदे गुट के पक्ष में पैâसला देने वाले विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर को इनाम मिला है। उनकी ताजपोशी दल-बदल कानून समिति के अध्यक्ष पद पर की गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने की है। उन्हें मिले इस इनाम को लेकर लोगों में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शिवसेना अयोग्यता मामले में नार्वेकर द्वारा दिया गया पैâसला विवादित साबित हुआ है। इसके खिलाफ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। दूसरी तरफ नार्वेकर के पक्षपाती पैâसले को लेकर आज भी महाराष्ट्र के कोने- कोने में नाराजगी जाहिर की जा रही है। इसके बावजूद कल विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की ताजपोशी दल-बदल कानून के संदर्भ में संविधान के १०वें परिशिष्ट के संशोधन समिति के अध्यक्ष पर की गई, जिसे लेकर लोग अचंभित हैं और उनमें चर्चा है कि यह इनाम उन्हें शिंदे गुट के पक्ष में पैâसला देने पर दिया गया है।
लगातार चलने वाली प्रक्रिया
विधान भवन में आयोजित ८४वीं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी और ६०वें सचिव परिषद के समापन में कल उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ की उपस्थिति में में पद सौंपा गया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए ओम बिड़ला ने कहा कि दल-बदल कानून की परिशिष्ट की चिकित्सा लगातार चलनेवाली प्रक्रिया है। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी समिति के अध्यक्ष थे। अब यह जिम्मेदारी मैं नार्वेकर को दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि दल-बदल कानून समिति की सिफारिश के संदर्भ में संसद का सर्वोच्च अधिकार है। इस कानून का संविधान से सुसंगतता न्यायपालिका जांच नहीं कर सकेगी। देश में विधान मंडल का कामकाज पेपरलेस करना यह हमारा इस साल का ध्येय है।

विधान मंडल में अभद्रता चिंता का विषय
उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने कहा कि विधानमंडल में अशोभनीय बर्ताव, हंगामा करने के मामलों में हुई वृद्धि चिंता का विषय है। ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं। सदन में होनेवाली चर्चा जनहित की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असभ्य बर्ताव करने वाले सदस्यों से सामना करने में तनिक भी संकोच न करें। इस तरह की सलाह उन्होंने उपस्थित पीठासीन अधिकारी को दी।

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