मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाकिसानों पर सरकार का अत्याचार

किसानों पर सरकार का अत्याचार

१२ नवंबर, २०२३ को `दोपहर का सामना’ ने एक खबर प्रकाशित की थी, जिसकी हेडिंग थी, `दूध की उचित कीमत नहीं मिलने पर मंत्री के घर के सामने बहाएंगे दूध’ खबर किसानों पर सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की पोल खोलने का काम कर रही है। दरअसल, सरकार द्वारा दूध की कीमतों को ३५ रुपए से घटाकर २७ रुपए कर दिया गया है। इससे साफ होता है कि किसानों पर शिंदे सरकार अत्याचार कर रही है। सरकार ने किसानों से बातचीत किए बिना ही दूध की कीमतों को घटाकर किसानों पर आर्थिक अत्याचार किया है। किसानों ने सरकार के इस रवैए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की ठान ली है। सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेना जरूरी है, वर्ना किसान अपनी स्टाइल में सरकार को सबक सिखाएंगे। -गीतांजलि पाटील, ठाणे

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