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१४ दिन बाद आश्वासन लेकर आए ‘सरकार’

•डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने दिवंगत डॉ. घनश्याम त्रिपाठी के परिवारीजनों से की मुलाकात

विक्रम सिंह / सुलतानपुर

आखिरकार जघन्य वारदात के १४ दिन बाद यूपी सरकार के आला हाकिम नंबर दो डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को ध्यान आया दिवंगत डॉ. घनश्याम त्रिपाठी के परिवारीजनों का। वे आए और शासन-प्रशासन की ओर से आश्वासनों की घुट्टी पिलाई और चल दिए। वहशियाना तरीके से बर्बरतापूर्वक की गई हत्या के मुख्य आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी न होने पर वे मौन साधे रहे। अलबत्ता ये कहकर पल्ला झाड़ा कि हत्यारे बख्शे नहीं जाएंगे।
बता दें कि गत माह जिले के एक सरकारी अस्पताल में तैनात रहे चिकित्सक डॉ.घनश्याम त्रिपाठी की बर्बरतापूर्वक वसूली की रकम न दे पाने पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में भाजपा से जुड़े परिवार के व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया। एफआईआर भी हुई, लेकिन आजतक उसकी गिरफ्तारी न हो सकी। स्थानीय प्रशासन, पुलिस व सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठते रहे, लेकिन सरकार नहीं चेती। सरकार का कोई प्रभावशाली नुमाइंदा पीड़ित परिवार को दिलासा देने नहीं पहुंचा। फिलहाल, हत्याकांड के चौदहवें दिन डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पीड़ित परिवार से मिलने उनके पैतृक गांव सुखौली पहुंचे।
बंद कमरे में उन्होंने परिवारीजनों व चिकित्सक पत्नी से मुलाकात की, उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वारदात हमारे चिकित्सा विभाग से जुड़ी है। इस वारदात को करने में जो भी संलिप्त रहे हैं, उनको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले को हम फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे और शीघ्र से शीघ्र कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। हालांकि, उन्होंने अभी तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न हो पाने के सवाल पर मौन साध लिया। दिवंगत चिकित्सक की पत्नी निशा तिवारी ने बताया कि डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि प्रकरण में पूर्ण निष्पक्षता से न्याय होगा। जॉब का आश्वासन भी उन्होंने दिया है।

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