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सरकार कमीशन, भ्रष्टाचार में लिप्त राज्य में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार को लगाई लताड़!… नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे विधान परिषद में आक्रामक

सामना संवाददाता / नागपुर
वर्तमान सरकार जनहित के बजाय केवल कमीशन और भ्रष्टाचार में लिप्त है, ऐसा आरोप विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने लगाया। अंबादास दानवे ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, व्यापक भ्रष्टाचार और खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को जमकर लताड़ लगाई।
अंबादास दानवे अंतिम सप्ताह में प्रस्ताव पर बोलते हुए आक्रामक थे। उन्होंने कहा कि सरकार जनता और किसानों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार ने किसानों को बीमा सब्सिडी के अलावा एक भी रुपए की मदद की घोषणा नहीं की है। विदर्भ में संतरा किसानों को कोई पैकेज नहीं दिया गया। दानवे ने आरोप लगाया कि यह सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और राज्य को विकास से दूर ले जाने की कोशिश कर रही है।
मराठा समाज को आरक्षण देने में लाचार
दानवे ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने में असमर्थ रही है। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाना सरकार की नीति है, ऐसे शब्दों में दानवे ने सरकार पर हमला बोला।
दिनदहाड़े होती हैं हत्याएं
राज्य में संगठित अपराध में वृद्धि, दिनदहाड़े हो रही हत्याएं, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, राज्य में बड़े पैमाने पर दंगों की घटनाएं, ये सभी राज्य में शोभा नहीं देती हैं, ऐसा भी दानवे ने कहा।
सत्ता में रहते हुए क्या किया?
पिछले पांच वर्षों से सत्ता में हैं। सत्तारूढ़ दल को विदर्भ के मुद्दों पर बात करने के विपक्ष के प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आप इतने वर्षों तक सत्ता में थे, तो आपने विदर्भ के लिए क्या किया? यह सवाल पूछकर दानवे ने विदर्भ के मुद्दे पर भाजपा पर तंज कसा। सरकार ने विदर्भ के मुद्दों और विकास पर कोई ठोस और समयबद्ध कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। पिछले पांच साल से विदर्भ का अनुशेष बाकी है क्या? विदर्भ में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी देते हुए दानवे ने विदर्भ के मुद्दों और समस्याओं की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया।
गृह मंत्री विफल रहे
नागपुर में महिलाओं से बलात्कार, हत्या, लूट जैसे अपराध बढ़े हुए हैं। युवा पीढ़ी व्यसन की ओर जा रही है। नागपुर के पालक मंत्री और गृहमंत्री इसी जिले के हैं। इसके बाद भी नागपुर की कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के लिए उनकी आलोचना की। दानवे ने नागपुर के जिला अस्पताल में दवाओं की कमी की ओर भी सभागृह का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वाशिम, बुलढाणा जिलों में ऐसे डॉक्टरों की भर्ती की गई है, जो सिविल सर्जन कैडर के नहीं हैं। नागपुर के जिला अस्पताल में दवाओं की कमी को लेकर भी सदन का ध्यान आकर्षित किया।
मुंबई की तरह नागपुर, पुणे मनपा की भी करो जांच
इस दौरान दानवे ने मनापाओं में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी उंगली उठाई। उन्होंने सदन का ध्यान मुंबई मनपा में चल रह बड़े पैमाने पर लूटपाट, मनपा के रुके हुए चुनाव, सिडको द्वारा एक निजी संस्था को ६७,००० मकान बेचने के लिए ६९९ करोड़ रुपए के टेंडर देने की ओर सदन का ध्यान आकर्षित किया। दानवे ने मांग की कि मुंबई मनपा में प्रशासक के माध्यम से बड़े पैमाने पर जनता के पैसे के सार्वजनिक धन की लूट और बर्बादी हो रही है और मुंबई मनपा की तरह नागपुर और पुणे मनपा की जांच की जाएं, ऐसी मांग दानवे ने की।
जेल अधीक्षक पर करो कार्रवाई
राज्य में बड़ी संख्या में दवा पैâक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई। ड्रग माफिया ललित पाटील के मामले में जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग इस मौके पर दानवे ने की।

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