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सरकार ने दिया मुंबईकरों को नवरात्रि का तोहफा : सीएनजी-पीएनजी फिर एक बार हुई बेतहाशा महंगी!

• ४ से ₹६ प्रति किलो बढ़ाए गए दाम
• सरकार ने प्राकृतिक गैस के दाम ४० प्रतिशत बढ़ाए थे
• पीएनजी और एलपीजी के बीच सिर्फ ११ज्ञ् अंतर रह गया
सामना संवाददाता / मुंबई
कोरोना संकट के कारण दो सालों बाद देश में चारों तरफ लोग नवरात्रोत्सव का त्योहार काफी हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। ऐसे में सरकार ने आम मुंबईकरों को महंगाई का तोहफा दिया है। मुंबई में एक बार फिर से ‘सीएनजी’ और ‘पीएनजी’ बेतहाशा महंगी हो गई हैं। दरअसल सरकारी कंपनियों ने नेचुरल गैस की कीमतों में ४० प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़त की थी, जिसके बाद ‘सीएनजी’ और ‘पीएनजी’ की कीमतों में तेज बढ़त की आशंका जताई जा रही थी। मुंबई में इनके भाव ४ से ६ रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। मुंबई के बाद संभावना है कि दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी सीएनजी और पीएनजी के भाव बढ़ा दिए जाएंगे।
शहर गैस वितरण कंपनी महानगर गैस लि. (एमजीएल) ने सीएनजी के दाम छह रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा पाइप के जरिए आपूर्ति की जानेवाली रसोई गैस (पीएनजी) की कीमतों में चार रुपए प्रति यूनिट (एससीएम) का इजाफा किया गया है। नई कीमतें सोमवार मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। इसके साथ ही मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों में र्इंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) का खुदरा दाम बढ़कर ८६ रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है, वहीं घरेलू पीएनजी का दाम ५२.५० रुपए प्रति एससीएम होगा। एमजीएल ने कहा है कि इस बढ़ोतरी के बाद ‘सीएनजी’ और पेट्रोल के बीच मूल्य बचत घटकर ४५ प्रतिशत रह गई है, वहीं पीएनजी और एलपीजी के बीच यह अंतर सिर्फ ११ प्रतिशत का रह गया है।
कंपनी ने कहा है कि सरकार ने एक अक्टूबर से गैस कीमतों में ४० प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिसकी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है। प्राकृतिक गैस की कीमतें ४० प्रतिशत बढ़ी पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम मूल्य एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ ने गत ३० सितंबर को एक अक्टूबर से अगले छह माह के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की कीमतों में ४० प्रतिशत की भारी वृद्धि की घोषणा की थी। इससे पहले एक अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का हवाला देते हुए गैस के दाम ११० प्रतिशत बढ़ाए गए थे।
क्या है ‘प्राकृतिक गैस’?
प्राकृतिक गैस उर्वरक बनाने के साथ बिजली पैदा करने के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है। इसे सीएनजी में भी परिवर्तित किया जाता है और पाइप के जरिए (पीएनजी) इसे रसोई में खाना पकाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। पुराने गैस क्षेत्रों से उत्पादित गैस की कीमतें सिर्फ एक साल में लगभग पांच गुना बढ़ गई हैं। सितंबर, २०२१ में इसकी कीमत १.७९ डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से सितंबर २०२१ में ८.५७ डॉलर तक पहुंच गई थी। एमएमबीटीयू गैस मूल्य में प्रत्येक डॉलर की वृद्धि पर सिटी गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं को सीएनजी की कीमत ४.७ से ४.९ रुपए प्रति किलो बढ़ानी पड़ती है।

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