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जातिगत जनगणना रिपोर्ट से ‘कोमा’ में सरकार! …बढ़ा टेंशन, मंथन में जुटी भाजपा

• आरएसएस से करेगी चुनावी चर्चा
• शिंदे-पवार को साथ लाना भी हुआ बेकार
सामना संवाददाता / मुंबई
बिहार में जातिगत सर्वे रिपोर्ट जारी होने से भाजपा को जोर का झटका लगा है। भाजपा की टेंशन कई गुना बढ़ गई है और मिशन २०२४ अब खतरे में पड़ गया है। हालत ऐसी है कि महाराष्ट्र भाजपा कोमा में चली गई है। भाजपा के नेताओं की हताश मनोदशा मंगलवार को दादर स्थित वसंत स्मृति में आयोजित पदाधिकारियों को बैठक में दिखी। पार्टी नेताओं के पास इस संदर्भ में कोई जवाब नहीं था।
पत्रकारों ने जब इस बारे में पूछा तो भाजपा नेताओं ने ‘इस पर विचार किया जाएगा’, ऐसी बात कहकर मामले को टाल दिया। सूत्रों के अनुसार बिहार में जिस तरह से भाजपा को जातिगत जनगणना रिपोर्ट जारी की है। उससे भाजपा घिर गई है। देश के अन्य गैर भाजपाई राज्य भी धीरे-धीरे अपने राज्यों की जातिगत जनगणना की रिपोर्ट जारी करेंगे। ऐसे में धर्म की राजनीति कर जातिगत विषयों को भुलाने वाली भाजपा को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। भाजपा अब इस समस्या के हल के लिए गुपचुप बैठक करनेवाली है।
इस समस्या को लेकर भाजपा नेताओं और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) के पदाधिकारियों के बीच बैठक होनेवाली है। इस मुद्दे पर भाजपा वैâसे निपटेगी अथवा किस मुद्दे पर उठाकर इसका काट तैयार किया जाएगा, यह सब उस बैठक में चर्चा होगी।
बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने दो दिन पहले गांधी जयंती के मौके पर जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी की है। बिहार सरकार की तरफ से विकास आयुक्त विवेक सिंह ने प्रेस कॉन्प्रâेंस कर रिपोर्ट जारी की। जाति आधारित गणना को लेकर बिहार में खूब बवाल मचा था। हाई कोर्ट से लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना के आंकड़े को सार्वजनिक कर दिया है। जातीय जनगणना में बिहार की आबादी कुल १३ करोड़ ७ लाख २५ हजार ३१० से अधिक बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ८१.९९ फीसदी आबादी हिंदुओं की है, जबकि १७.७० आबादी मुसलमानों की है।

वोट बैंक को लेकर भाजपा परेशान
जातिगत गणना की रिपोर्ट जारी होने के साथ ही बिहार से दिल्ली तक के सियासी हलकों में तूफान आ गया है। जिसकी जितनी आबादी, उसको उतना आरक्षण और योजनाओं में उनकी उतनी ही हिस्सेदारी की मांग शुरू हो गई है। ३३ साल पहले मंडल कमीशन के आने बाद की राजनीति के कारण ही क्षेत्रीय दलों का उभार हुआ। बिहार में आरजेडी और जेडीयू तथा यूपी में समाजवादी पार्टी ओबीसी का जबरदस्त समर्थन पाने में कामयाब रहे। आज अपरोक्ष रूप से इसका विरोध कर रही भाजपा की जान सांसत में है। यही वजह है कि रिपोर्ट जारी होने के चंद घंटे बाद ही नरेंद्र मोदी ने ग्वालियर में एक जनसभा में नीतीश पर निशाना साधा।

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