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बिहार-यूपी की भीड़ पर सरकार का ध्यान नहीं; हर ट्रेन मुंबई से अमदाबाद ही क्यों?

  • ‘वंदे भारत’ के ट्रायल पर उत्तर भारतीयों की प्रतिक्रिया

सुजीत गुप्ता / मुंबई
मोदी सरकार ने जबसे देश में सत्ता की कमान संभाली है, तबसे गुजरात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बुलेट ट्रेन हो या फिर मुंबई का उद्योग, एक-एक कर सभी को गुजरात से जोड़ने की कोशिश लगातार जारी है। अब जल्द ही मुंबई से अमदाबाद के बीच ‘वंदे भारत’ ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि आगामी गुजरात इलेक्शन में रफ्तार के इस मॉडल को भुनाया जा सके। दरअसल, पश्चिम रेलवे की झोली में दो ‘वंदे भारत’ ट्रेन गिरी हैं। ऐसे में गुजरात इलेक्शन से पहले मुंबई से अमदाबाद ‘वंदे भारत’ ट्रेन को चलाने की योजना है। फिलहाल ‘वंदे भारत’ ट्रेनों का ट्रायल रन भोपाल और चंडीगढ़ में चल रहा है। हालांकि ‘वंदे भारत’ ट्रेन के मुंबई से अमदाबाद चलने से पहले ही यात्रियों की प्रतिक्रिया आने लगी है। यात्रियों का कहना है कि हर ट्रेन मुंबई से अमदाबाद ही क्यों? बिहार, यूपी की ट्रेनों पर सरकार का ध्यान नहीं है।
रेल अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पश्चिम रेलवे के खाते में आई दो में से एक ‘वंदे भारत’ ट्रेन का ट्रायल रन मध्य प्रदेश के मुरैना में चल रहा है, जबकि दूसरी ट्रेन का ट्रायल रन चंडीगढ़ में चल रहा है। ये ट्रायल रन स्टैंडर्ड डिजाइन एंड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) कर रही है।

मीरा रोड निवासी अवधेश ठाकुर ने बताया कि देश में विकास केवल गुजरात में ही हो रहा है। चाहे बुलेट ट्रेन चलाने की बात हो या ‘वंदे भारत’ ट्रेन। लगता है सारे लोग गुजरात में ही रहते हैं। मुंबई से यूपी और बिहार जानेवाली ट्रेनों में यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहा है। २४ से ३० घंटे भूसे की तरह ठूंस-ठूंस कर यात्री सफर कर रहे हैं लेकिन रेल मंत्रालय और मंत्रियों का ध्यान यात्रियों की इन परेशानियों पर नहीं जा रहा है।
वहीं प्रयागराज निवासी चंद्रेश यादव ने बताया कि मुंबई से अमदाबाद के लिए कई ट्रेनें हैं। राजधानी भी उसी रूट से जाती है फिर ‘वंदे भारत’ की शुरुआत इस रूट पर करने की इतनी जल्दी क्या है? ‘वंदे भारत’ देश के हर राज्यों में चले, हम इसका विरोध नहीं करते हैं लेकिन जहां वर्तमान में ट्रेन चलाने की जरूरत हैं, वहां क्यों नहीं चलाई जा रही है? ‘वंदे भारत’ ट्रेन को मुंबई से वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर रूट पर चलाने की अवश्यकता है।

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