मुख्यपृष्ठसमाचारसाधु-संतों की सरकार... साधु-संत ही नाराज!

साधु-संतों की सरकार… साधु-संत ही नाराज!

– भाजपाशासित राज्यों में संतों की दुर्गति

– नागौर में पुलिस ने साधु के साथ की बदतमीजी

सामना संवाददाता / जयपुर

केंद्र की भाजपा सरकार साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे भले करती रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। भाजपाशासित राज्यों में साधु-संतों की दुर्गति हो रही है। बता दें कि नागौर जिले में लगातार साधु-संतों के साथ अत्याचार देखने को मिल रहा है। कहीं संतों की हत्या हो रही है, तो कहीं पुलिस से परेशान हो रहे साधु-संत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नागौर जिले में रिया बड़ी उपखंड क्षेत्र के थांवला थाना इलाके के रामस्नेही संप्रदाय के संत धीरजराम ने थांवला थाना में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दी। इसमें उन्होंने बताया कि उनको सूचना मिली कि टोल नाकों पर गोतस्कर गायों को लेकर जा रहे हैं। क्षमता से ज्यादा गोवंशों को गाड़ी में ठूंसा हुआ है। इसके बाद उन्होंने क्षमता से अधिक गोवंशों को लेकर जाने वाले वाहन चालक के खिलाफ पुष्कर थाने में प्रकरण दर्ज करवाया।
शिकायत में उन्होंने कहा है कि पुलिसवाले जब दूसरी गाड़ियों को चेक कर रहे थे, उसी दौरान थांवला थाने में तैनात हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह चारण वहां पहुंच गए। उन्होंने मेरे साथ गाली-गलौज किया, साथ ही मेरा फोन छीन लिया। मेरे फोन से कीमती डेटा को भी डिलीट कर दिया और मेरे साथ बदतमीजी भी की। जब मैंने फोन मांगा तो उन्होंने मुझसे पांच हजार रुपए भी मांगे। जब मैंने पैसे देने से इंकार किया तो मेरे और मेरे साथियों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। मेरे साथ साथियों को अपमानित भी किया। साथ ही कुछ वाहन चालकों से अवैध रूप से पैसे लेकर वहां से निकल गए। इस मामले में एसएचओ मानवेंद्र सिंह ने कहा कि मैंने तो अभी ज्वाइनिंग की है। मैंने इस प्रकरण में मामले की जांच शुरू कर दी है। यदि संत के साथ हेड कांस्टेबल ने बदसलूकी की है तो कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में हो चुकी हैं कई साधुओं की हत्याएं
बता दें कि यूपी में योगी की सरकार बनने के बाद कई साधुओं की हत्याएं हुईं। उस पर २०२१ में समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला था। अखिलेश यादव ने ४ सालों में ४२ साधु संतों की हत्या पर योगी राज को जंगल राज करार देते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘४ साल के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ४२ साधु-संतों की हत्या हुई है।’ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद राजनीति जोरों पर थी। अखिलेश ने ट्वीट किया, ‘यूपी की भाजपा सरकार का जंगलराज, देवकार्य में लगे साधुओं पर जानलेवा वार, पूरा कार्यकाल, बना काल! पिछले चार सालों में ४२ साधु, संतों की हत्या। किसी को मारी गोली, तो किसी की संदिग्ध हालातों में रहस्मयी मौत। अभी तक किसी को क्यों नहीं मिला न्याय? जवाब दे सरकार।

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