मुख्यपृष्ठनए समाचारशिवराज का `लाड़ला तोहफा' बहना से छीनेगी सरकार!

शिवराज का `लाड़ला तोहफा’ बहना से छीनेगी सरकार!

`लाड़ली बहना’ योजना के पात्र-अपात्रों का पेंच फंसा
 अब बहनों की छंटाई की शुरू हुई कवायद

सामना संवाददाता / भोपाल
मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर से बन गई है। नए मुख्यमंत्री मोहन यादव बन चुके हैं। ये मोहन सरकार अपने ही पार्टी के नेता पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य की बहनों को दिया जाने वाला `लाड़ला तोहफा’ छीनेगी। जी हां, `लाड़ली बहना’ योजना के पात्र-अपात्रों का पेंच फंस गया है। अब बहनों की छंटाई की कवायद शुरू हो गई है।
शिवराज सरकार की महत्वपूर्ण योजना `लाड़ली बहना’ एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दरअसल, महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने योजना को लेकर एक पत्र जारी किया है। इस पत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शुरू हो गई `पात्र’ और `अपात्र’ की छंटनी। बता दें कि शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास आयुक्त ने `लाड़ली बहना योजना’ के तहत अजीब सा आदेश निकाला। इस आदेश में जिलों के कार्यक्रम अधिकारियों को `पात्र हितग्राहियों’ की सूची बैंकों को भेजने के लिए कहा गया है। जब पिछले चार-पांच महीनों से जिस सूची के आधार पर लाड़ली बहनों को आर्थिक मदद दी जा रही है, क्या वो पात्र हितग्राहियों की सूची में नहीं हैं?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आदेश की भाषा संदेह उत्पन्न करती है कि सीएम मोहन यादव सरकार इस योजना में कुछ खुरपेंच करने वाली है। `पात्र’ और `अपात्र’ की पड़ताल करके ज्यादातर बहनों को योजना का लाभ देने से वंचित कर दिया जाए तो आश्चर्य नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा चुनाव जीत गई, शिवराज सिंह चौहान विदा हो गए, अब कुछ भी हो सकता है।
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब `लाड़ली बहना’ योजना को लेकर सवाल खड़े हुए हों। १६वीं विधानसभा के पहले सत्र में भी इस योजना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को जमकर घेरा था। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद सफाई देते हुए कहा था कि प्रदेश की कोई भी योजना बंद नहीं होगी। अब एक बार फिर इस योजना पर प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस योजना में प्रदेश की करीब सवा करोड़ बहनों को १,२५० रुपए हर महीने १० तारीख को खाते में दिए जाते हैं।

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