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विरोधी खबरों से सरकार की सटकी! …खबरों का तुरंत खुलासा करने का दिया निर्देश

 

मुख्य सचिव को सौंपी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को जारी किया आदेश
सामना संवाददाता / मुंबई
करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद अखबारों में उल्टी खबरों से राज्य सरकार परेशानी में है। मराठा आरक्षण, राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महंगाई, सरकार में शामिल तीन दलों के बीच कलह और विधायकों की अयोग्यता के कारण सरकार की अच्छी-खासी बदनामी हुई है। इन सबका असर आनेवाले चुनाव में सरकार पर पड़ेगा। इसलिए खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया में सरकार के खिलाफ खबर छपने पर तुरंत स्पष्टीकरण भेजने का आदेश दिया है।
राज्य में शिंदे-फडणवीस सरकार आने के बाद प्रचार-प्रसार का दौर तेज हो गया है। सरकार अब तक प्रचार-प्रसार पर ११२ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुकी है। सरकार विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन दे रही है। ‘सरकार आपके द्वार’ योजना पर भारी खर्च किया जा रहा है लेकिन अक्सर अखबारों में ‘सरकार आपके द्वार’ योजना के खिलाफ खबरें प्रकाशित की जाती हैं। यह कार्यक्रम टीवी चैनलों पर भी लोकप्रिय हो चुका है। वहीं मराठा समुदाय में सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा पैदा हो गया है। विधायक अयोग्यता मामले में सुप्रीम कोर्ट कई बार सरकार को फटकार लगा चुका है। इन सबसे सरकार की छवि खराब हुई है इसलिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को विधायकों और निजी दलों की बैठकों में मार्गदर्शन देते हुए सरकार के काम को जनता तक पहुंचाने की अपील करनी पड़ रही है।
ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार के खिलाफ छपी खबरों का असर आगामी आम चुनाव में सरकार पर पड़ेगा। इसलिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार के सभी सरकारी विभागों को पत्र भेजा है। सरकार के खिलाफ गलत खबर प्रकाशित की जाती है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकार के खिलाफ खबर छपने पर संबंधित अखबार को तत्काल खुलासा भेजने का आदेश दिया गया है। विपक्ष की प्रासंगिक खबरों का खुलासा कर प्रकाशित करने का अनुवर्ती आदेश भी दिया गया है। राज्य के मुख्य सचिव को प्रकाशित खुलासों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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