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सरकार का मुंह काला,  ‘१०८’ एंबुलेंस घोटाला! …ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर सरकार मेहरबान

तीसरी बार बढ़ी ठेके की मियाद
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
शिंदे-फडणवीस सरकार ने राज्यभर में ‘१०८’ एंबुलेंस सेवाएं मुहैया करानेवाली कंपनी की सेवाओं को तीसरी बार तीन महीने तक बढ़ाने का अजीब पैâसला लिया है। इस विस्तार की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। आश्चर्य इस बात पर जताया जा रहा है कि इन एंबुलेंसों की मियाद खत्म होने और आयुक्तालय की ओर से नकारात्मक रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी यह एक्सटेंशन दिया जा रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जोधपुर और नोएडा में एंबुलेंस सेवा का ठेका पाने वाले इस ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया है, इसके बावजूद यह विस्तार दिया गया है। ऐसे में लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं, जिसका जवाब देने में इस सरकार के पसीने छूट सकते हैं। उल्लेखनीय है कि एंबुलेंस सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा २०१६ में १०८ को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत राज्य में ‘१०८’ परियोजनाओं के तहत ९३७ एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें २३३ एडवांस लाइफ सपोर्टिंग और ७०४ बेसिक लाइफ एंबुलेंस सेवा को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी मेसर्स बीवीजी इंडिया नामक कंपनी की नियुक्ति की गई थी। यह ठेका पांच साल के लिए दिया गया था। इस ठेकेदार का अनुबंध ३१ जनवरी, २०१९ को समाप्त होने के बाद तात्कालिकता के रूप में फिर से अवधि को एक फरवरी २०१९ से ३१ जनवरी २०२१ तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उस समय एक समिति भी नियुक्त की गई थी। इसके बाद समिति की सिफारिश के अनुसार और वैâबिनेट की अंतिम मंजूरी के बाद समय की सीमा एक बार फिर एक फरवरी २०१९ से बढ़ाकर ३१ जनवरी २०२४ कर दी गई।
मौजूदा एंबुलेंस बदलने की है जरूरत
इस बीच नए सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, इस टेंडर प्रक्रिया पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण और कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र आपातकालीन चिकित्सा सेवा योजना के तहत १०८ एंबुलेंस सेवा जारी रखने के लिए आयुक्त स्तर पर एक समिति नियुक्त की गई थी। २०२३ को इस समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि महाराष्ट्र के नागरिकों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलना जरूरी है। साथ ही मौजूदा एंबुलेंस को बदलने की जरूरत है।
जोधपुर में कंपनी पांच सालों के लिए हुई प्रतिबंधित
शपथ पत्र में गलत जानकारी देने के कारण इस ठेकेदार कंपनी को जोधपुर से पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। नोएडा में भी सेवा समाप्त कर दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि ठेकेदार कंपनी की सेवाओं का फोरेंसिक ऑडिट चल रहा है, जिसमें पाया गया है कि कंपनी की एंबुलेंस जर्जर हो चुकी हैं। साथ ही १० साल से अधिक समय से सेवा में होने से इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है, इसलिए उनमें बदलाव करना जरूरी है।
लोगों के जीवन से खेल रही ‘घाती’ सरकार
इन तमाम जानकारियों के बावजूद ‘घाती’ सरकार ने लोगों के जीवन की परवाह किए बिना एक बार फिर से बीवीजी कंपनी को तीन महीने यानी ३० अप्रैल ०४ तक का विस्तार दे दिया है। इस संबंध में सरकार ने बाकायदा सोमवार को इस आशय का शासनादेश जारी कर दिया है, जिसमें बताया गया है कि कंपनी को ७० फीसदी यानी ७०.९५ करोड़ रुपए की अदायगी की जा चुकी है। इसके साथ ही शेष ३० फीसदी यानी ३०.४० करोड़ रुपए अदायगी को मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, कंपनी पर ७२.९९ करोड़ रुपए की दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। इस तरह यह सरकार ठेके को विस्तार देकर लोगों के जीवन के साथ खेल रही है। इसे लेकर सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है।

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