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लाख कोशिशों के बाद भी नहीं बची गोविंदा की जान…ब्रेन सर्जरी भी रही बेअसर!

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में बीते दो सालों से दही-हंडी समेत सभी उत्सवों पर कोरोना का ग्रहण लग गया था। हालांकि इस साल महामारी का असर कम होने से दही-हंडी उत्सव का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। मगर दो सालों बाद धूमधाम से मने उत्सव में एक घटना ने लोगों को मायूस कर दिया है। मटकी फोड़ते समय सातवें थर से नीचे गिरने के बाद एक गोविंदा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके ब्रेन में चोट लग गई थी और उसकी ब्रेन सर्जरी की गई। मगर इस २४ वर्षीय गोविंदा की जान नहीं बच पाई और चार दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
बता दें कि इस गोविंदा का इलाज मुंबई के नानावटी अस्पताल में चल रहा था। गोविंदा की मौत के बाद उसके परिवार और गोविंदा मंडल में मातम छा गया है। मनपा प्रशासन के मुताबिक १९ अगस्त को मुंबई के विलेपार्ले (पूर्व) बामणवाड़ा एयरपोर्ट के पास दही- हंडी फोड़ते समय २४ वर्षीय शिव शंभो पथक के गोविंदा संदेश दलवी सातवें थर से नीचे गिर गया था। इस दुर्घटना में गोविंदा संदेश के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। घटना के दिन उसे रात ११ बजे कूपर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। हालांकि उसके परिवार वालों ने बाद में उसे कूपर अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर नानावटी अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
अस्पताल में हुई सिर की सर्जरी
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण गोविंदा को नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को उसके सिर की सर्जरी भी हुई। लेकिन मौत के खिलाफ उसकी जंग सोमवार की रात ९ बजे खत्म हो गई। संदेश अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ कुर्ला में रहता था। परिवार में सबसे छोटा होने के कारण वह अपने माता-पिता सहित सभी का दुलारा था। संदेश के निधन से दलवी परिवार सहित मित्र व शुभचिंतक सदमे में हैं।
कहां है मदद के १० लाख?
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विधानसभा में कल विपक्ष ने इस मामले को जोर से उठाया और सरकार से पूछा कि पीड़ित गोविंदा के परिजनों की मदद के १० लाख रुपए कहां हैं? प्रतिपक्ष के नेता अजीत पवार ने पूछा कि इसके लिए सरकार ने क्या कदम उठाया? विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी गोविंदा की मौत का मामला उपस्थित किया था। इसके पहले शिवसेना विधायक अजय चौधरी ने दही-हंडी उत्सव में मृत व घायल हुए गोविंदाओं की मदद करने को लेकर स्थगन प्रस्ताव रखा, जिसे अध्यक्ष ने नामंजूर कर दिया। विपक्ष की मांग पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मृत गोविंदा के परिजनों को शासन की तरफ से १० लाख रुपए की मदद की जाएगी। इस उत्सव को लेकर सरकार ने मृत गोविंदाओं के परिजनों को १० लाख, गंभीर रूप से घायल होने पर साढ़े सात लाख रुपए और घायल होने पर ५ लाख रुपए की सहायता और सभी के मुफ्त उपचार की घोषणा की थी।
आयोजक पर मामला दर्ज
इस बीच गोविंदा को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने पर दही-हंडी आयोजक रियाज मस्तान शेख के खिलाफ विलेपार्ले पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। रियाज शेख ने दही-हंडी का आयोजन विलेपार्ले (पूर्व) के वाल्मीकि चौक पर किया था। लेकिन समारोह में गोविंदा की टीमों की सुरक्षा का खयाल नहीं रखा गया था। इस दौरान गोविंदा विनय रबडे और संदेश दलवी गिर गए और उनके सिर में चोटें आर्इं। करी रोड स्थित साईभक्त क्रीड़ा मंडल के गोविंदा प्रथमेश सावंत भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका मुंबई के केईएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रथमेश सावंत के इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ७ लाख ५० हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि अविनाश भोईर, समीर गुढेकर, संतोष शिंदे आदि को क्रमश: पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि मंजूर तो हो गई है, लेकिन अभी यह उनके परिजनों तक नहीं पहुंची है। हिंदुजा अस्पताल में भर्ती एक गोविंदा के परिजनों को अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए भुगतान करने के लिए कहा गया। यह गोविंदा भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है।

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