मुख्यपृष्ठनए समाचारगोविंदाओं को अलग से नहीं मिलेगा आरक्षण! ‘ईडी’ सरकार ने मारी पलटी

गोविंदाओं को अलग से नहीं मिलेगा आरक्षण! ‘ईडी’ सरकार ने मारी पलटी

  • उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने किया स्वीकार
  • ‘कोई शख्स एक दिन खेल के रूप में दही-हंडी में भाग लेता है, तो वह आरक्षण का हकदार नहीं हो जाता’

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की ‘ईडी’ सरकार ने हाल ही में दही-हंडी को खेल का दर्जा देने की घोषणा की थी। इस घोषणा को हुए अभी कुछ दिन भी नहीं बीता है कि ‘ईडी’ सरकार ने इस मामले में पलटी मार दी है। सरकार ने दही-हंडी को अधिकृत खेल का दर्जा में समावेश किया है। सरकार की इस घोषणा के बाद गोविंदा को सरकारी नौकरी में ५ प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, इस पर राज्य में नया विवाद शुरू हो गया है। राकांपा सहित अनेक लोगों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर विरोध प्रकट किया है। इस विवाद के बीच कल उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गोविंदा को अलग से आरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्हें खेल कोटा से ही आरक्षण दिया जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि खेल का दर्जा मिलने के बाद, उसका मानक तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई शख्स एक दिन खेल के रूप में दही-हंडी में भाग लेता है, तो वह आरक्षण का हकदार नहीं हो जाता। दही-हंडी उत्सव मनाते समय दुर्घटना से होनेवाली गोविंदा की मृत्यु के बाद उसके परिवार वालों को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता निधि से मदद दी जाती है। इसी प्रकार घायल गोविंदा को मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद दी जाएगी। ऐसी घोषणा मुख्यमंत्री ने विधि मंडल में की थी। जो सुविधा अन्य खेलों में लागू होती है, वही सुविधा गोविंदा को भी लागू होगी। राज्य सरकार द्वारा खेल के माध्यम से नौकरियों में दिए जानेवाले आरक्षण का लाभ गोविंदा को मिलेगा। बता दें कि गोविंदा के आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। राकांपा ने सरकार की इस नीति की जमकर आलोचना की है। राकांपा सहित अन्य लोगों के आलोचना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि दही-हंडी को खेल का दर्जा देने और गोविंदा के आरक्षण का केवल राकांपा विरोध कर रही है। पूरे महाराष्ट्र को यह निर्णय योग्य दिखाई दे रहा है। राकांपा को इस मामले में आत्म परीक्षण करना चाहिए, ऐसा बावनकुले ने कहा।

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