मुख्यपृष्ठविश्वतिब्बत में तन गया चीन!... धीरे-धीरे पूरे बॉर्डर पर अड़ गई पीएलए...

तिब्बत में तन गया चीन!… धीरे-धीरे पूरे बॉर्डर पर अड़ गई पीएलए ब्रिगेड

एजेंसी / नई दिल्ली
चीन अपने दोस्तों को भी दगा देने के लिए कुख्यात रहा है। हिंदुस्थान के मामले में ड्रैगन के विश्वासघात की कहानी नई नहीं है। यह सिलसिला वर्ष १९६२ से ही जारी है। चीन एक तरफ संवाद के जरिए तनाव कम करने की बात करता है तो वहीं दूसरी तरफ घात करने से बाज भी नहीं आता है। हिंदुस्थान और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर जून २०२० के बाद से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों में कमांडर स्तर की कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन बातचीत के झांसे के बीच चीन का अड़ियल रवैया भी बरकरार है। तनातनी के बीच ड्रैगन की पीएलए पूरे एलएसी पर अड़ी हुई है। ड्रैगन ने अपने बेहद घातक मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम पीएचएल-१९१ (चाइना पीएचएलपीएलए १९१ रॉकेट सिस्टम) को तिब्बत में तैनात किया है।
बता दें कि हिंदुस्थान और चीन के बीच ३,४८८ किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर विवाद है। अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का हिस्सा बताने वाले ड्रैगन एलएसी के पास हिंदुस्थान के लद्दाख, सिक्किम सहित कई राज्यों के बड़े भूभाग पर अपना दावा करता रहा है। विवाद को लगातार बढ़ाने का प्रयास करता ड्रैगन लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक हजारों सैनिकों की तैनाती करने के बाद अब एक बार फिर से नई चालबाजी करता नजर आ रहा है। चीन अब भारतीय सीमा के पास अत्याधुनिक घातक हथियारों को जुटा रहा है। तिब्बत के पास पहली बार घातक
रॉकेट सिस्टम (मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम पीएचएल-१९१) के तैनाती की पुष्टि हुई है। इसे हाल ही में चीनी सेना पीएलए की एक मीटिंग के दौरान देखा गया। इस रॉकेट सिस्टम को तिब्बत के शिंजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक में तैनात किया गया है। चीन अपने इस रॉकेट सिस्‍टम की मदद से ५०० किमी की दूरी तक पहाड़ों में भी भारतीय सेना के ठिकानों को निशाना बना सकता है। पीएलए इसे एक ट्रक पर रखकर लंबी दूरी आसानी से निशाना बना सकती है। यह सिस्‍टम ७५० एमएम की दो फायर ड्रैगन मिसाइलें ले जाता है, जिसकी मारक क्षमता ५०० किमी तक होती है। यह ३७०एमएम के ८ रॉकेट ले जा सकता है, जिनकी रेंज ३५० किमी होती है। इसमें चीनी रेडॉर और बाइदू सैटलाइट नेविगेशन सिस्‍टम लगा है, जिससे यह सटीक निशाना लगाता है। चीन ने इस रॉकेट सिस्‍टम को ताइवान की सीमा पर भी तैनात किया है।
पहले भी करता रहा है खुराफात
गौरतलब हो कि लेह-लद्दाख से अरुणाचल तक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी पर चीन तेजी से इन्प्रâास्ट्रक्चर बढ़ा रहा है और अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत कर रहा है। पूर्वी लद्दाख समेत एलएसी के करीब तेजी से निर्माण, सैनिकों के लिए मॉड्युलर कंटेनर शेल्टर, आधुनिक हथियारों की तैनाती, एयरबेसों का अपग्रेडेशन, टैंक लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार, रॉकेट सिस्टम, आधुनिक डिफेंस सिस्टम समेत तमाम हथियारों को तैनात किया है।

अन्य समाचार